भारतीय नौसेना के बेड़े में मिसाइल और गोला-बारूद से लैस एक और स्वदेशी नौका शामिल हो गई है। यह नौका एलएसएएम-9 (यार्ड 77) है। रक्षा मंत्रालय के मुताबिक इससे समुद्र तट के आस-पास तथा बाहरी बंदरगाहों पर भारतीय जहाजों के लिए सामान, जैसे की गोला-बारूद की आपूर्ति भी सुनिश्चित हो सकेगी।
नौसेना के बेड़े में मिसाइल और गोला-बारूद से लैस एक और स्वदेशी नौका शामिल
बार्ज नौकाओं की उपलब्धता होने से परिवहन, आवश्यक सामान को लाने-ले जाने की होगी सुविधा
बार्ज नौकाएं भारत सरकार की मेक इन इंडिया पहल के गौरवशाली ध्वजवाहक
रक्षा मंत्रालय का कहना है कि ये नौकाएं नौसेना नियमों के लिए प्रासंगिक और भारतीय नौवहन रजिस्टर (आईआरएस) के विनियमन के तहत स्वदेशी रूप से डिजाइन तथा निर्मित किए गए हैं। डिजाइन चरण के दौरान बार्ज नौका का मॉडल परीक्षण विशाखापत्तनम की नौसेना विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी प्रयोगशाला (एनएसटीएल) में किया गया था।
रक्षा मंत्रालय ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि ये बार्ज नौकाएं भारत सरकार की मेक इन इंडिया पहल के गौरवशाली ध्वजवाहक हैं। बुधवार को इस आधुनिकतम नौका की डिलीवरी की गई। नौसेना के मुताबिक 22 नवंबर को आईएनएस तुणीर के लिए मुंबई के नौसेना डॉकयार्ड में इसका अंतरण किया गया। इस अंतरण समारोह की अध्यक्षता पश्चिमी नौसेना कमान के कमांड रिफिट ऑफिसर कमांडर आशीष सहगल ने की। रक्षा मंत्रालय के मुताबिक मिसाइल सह गोला बारूद बार्ज नौकाओं के निर्माण के लिए 19 फरवरी 2021 को रक्षा मंत्रालय और मेसर्स सेकॉन इंजीनियरिंग प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड, विशाखापत्तनम के बीच अनुबंध पर हस्ताक्षर किए गए थे। नौसेना का मानना है कि इन बार्ज नौकाओं की उपलब्धता होने से परिवहन, आवश्यक सामान को लाने-ले जाने और चढ़ाने-उतारने की सुविधा प्रदान करके भारतीय नौसेना की परिचालन गतिविधियों को तेजी प्रदान होगी।


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