दिव्यांगजन पेंशन में फिर बढ़ोतरी करेगी सरकार: सीएम योगी

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गोरखपुर, 30 सितंबर (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को दिव्यांगजनों की पेंशन में एक बार फिर बढ़ोतरी का संकेत दिया। उन्होंने कहा कि पहले 300 रुपए पेंशन मिलती थी। सरकार ने इसे पहले 500 और फिर एक हजार रुपये किया। अब कुछ दिनों में इसमें फिर बढ़ोतरी करने जा रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में सेवा के 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में चल रहे सेवा संकल्प अभियान के तहत गोरखपुर क्लब में दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग और एचयूआरएल गोरखपुर के संयुक्त तत्वावधान में कार्यक्रम हुआ। सीएम योगी आदित्यनाथ ने यहां 509 दिव्यांगजनों…

गोरखपुर, 30 सितंबर (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को दिव्यांगजनों की पेंशन में एक बार फिर बढ़ोतरी का संकेत दिया। उन्होंने कहा कि पहले 300 रुपए पेंशन मिलती थी। सरकार ने इसे पहले 500 और फिर एक हजार रुपये किया। अब कुछ दिनों में इसमें फिर बढ़ोतरी करने जा रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में सेवा के 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में चल रहे सेवा संकल्प अभियान के तहत गोरखपुर क्लब में दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग और एचयूआरएल गोरखपुर के संयुक्त तत्वावधान में कार्यक्रम हुआ।

सीएम योगी आदित्यनाथ ने यहां 509 दिव्यांगजनों को 664 सहायक उपकरण वितरित किए। उन्होंने कहा कि समाज की प्रगति की पहचान केवल इमारतों से नहीं होती। असली कसौटी यह है कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम पायदान पर बैठे व्यक्ति तक कितनी सहजता से पहुंच रहा है। बिना भेदभाव अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना सुशासन का पहला सूत्र है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों में जाति, मत, मजहब, क्षेत्र और भाषा का भेद किए बिना योजनाओं का लाभ हर तबके तक पहुंचा है।

उन्होंने ‘अयोग्यो पुरुषो नास्ति’ का उल्लेख करते हुए कहा कि कोई व्यक्ति अयोग्य नहीं होता, जरूरत उसे अवसर से जोड़ने वाले की होती है। जब देश के पास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जैसा योजक हो तो कोई अयोग्य कैसे रह सकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शारीरिक चुनौती प्रतिभा की राह में बाधा नहीं बन सकती। प्रतिभा को दया नहीं, अवसर चाहिए। सही साधन और प्रशिक्षण मिले तो प्रतिभा अपनी क्षमता की ऊंचाई तक पहुंच सकती है। उन्होंने ऋषि अष्टावक्र, सूरदास, रवींद्र जैन और अरुणिमा सिन्हा के साथ पैरालंपिक खिलाड़ियों का उदाहरण देते हुए कहा कि पदक केवल मजबूत भुजाओं से नहीं, मजबूत हौसलों से जीते जाते हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2015 में ‘विकलांग’ के स्थान पर ‘दिव्यांग’ शब्द का प्रयोग कर समाज का दृष्टिकोण बदलने का प्रयास किया। डबल इंजन सरकार दिव्यांगजनों के अधिकार और सम्मान के लिए प्रतिबद्ध है। ब्रेल व ऑडियो सूचना, टैक्टाइल पाथ, सुलभ डिजिटल सेवाएं, सांकेतिक भाषा, कैप्शन और विजुअल अलर्ट जैसी सुविधाएं बढ़ाई जा रही हैं।

सीएम योगी ने कहा कि वर्ष 2026-27 में प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में शिविर लगाकर पेंशन से छूटे दिव्यांगजनों को योजनाओं से जोड़ने का लक्ष्य है। प्रदेश में 17 लाख से अधिक दिव्यांगजनों की डिजिटल पहचान मजबूत कर उन्हें कार्ड उपलब्ध कराए गए हैं। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजन सशक्तीकरण की शुरुआत बचपन से होनी चाहिए। शुरुआती जांच, थेरेपी, अभिभावकों को मार्गदर्शन, विशेष शिक्षा और तकनीकी सहायता पर सरकार का जोर है। तीन से सात वर्ष के श्रवणबाधित, दृष्टिबाधित और बौद्धिक दिव्यांगता वाले बच्चों के लिए बचपन डे केयर सेंटरों का विस्तार किया जा रहा है।

उन्होंने शिक्षा को सशक्तीकरण का सबसे बड़ा माध्यम बताते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश देश का पहला राज्य है, जहां दिव्यांगजनों के लिए दो विश्वविद्यालय संचालित हैं। लखनऊ में डॉ. शकुंतला मिश्रा दिव्यांगजन सशक्तीकरण विश्वविद्यालय और चित्रकूट में जगद्गुरु रामभद्राचार्य दिव्यांग विश्वविद्यालय कार्य कर रहे हैं। उन्होंने दिव्यांगजनों को सीएम युवा, पीएम स्वनिधि, ओडीओपी, पीएम विश्वकर्मा, पीएम मुद्रा और स्टैंडअप जैसी योजनाओं से जोड़ने पर जोर दिया। कॉक्लियर इंप्लांट पर छह लाख रुपये तक के खर्च के साथ स्पीच थेरेपी में भी सरकार सहयोग करती है।

मुख्यमंत्री ने गोरखपुर में स्पर्श राजकीय दृष्टिबाधित बालक और बालिका इंटर कॉलेज, संकेत राजकीय मूकबधिर विद्यालय, बीआरडी मेडिकल कॉलेज के मनोविकास केंद्र और राजकीय कौशल विकास केंद्र का उल्लेख किया। नॉर्मल कैंपस में आश्रय एवं प्रशिक्षण केंद्र, छात्रावास और बचपन डे केयर सेंटर भी संचालित हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश के सभी 18 मंडलों में जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं। गोरखपुर में सीतापुर आई हॉस्पिटल परिसर में यह केंद्र शुरू हो चुका है। वितरित सहायक उपकरणों में 127 मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल, 25 ई-ट्राईसाइकिल, 70 ट्राईसाइकिल, स्मार्ट केन, ब्रेल किट, 90 हियरिंग एड और पांच स्मार्टफोन शामिल रहे। दिव्यांग विद्यार्थियों को पाठ्य पुस्तकें भी दी गईं।

उन्होंने हरभजन सिंह और दीपू मिश्रा को स्मार्टफोन, खुशी को ब्रेल लिपि में गीता और नीरज यादव को ब्रेल रामचरितमानस दी। अंजनी और रामणी को स्मार्ट केन तथा आदित्य गुप्ता और मायरा को सांकेतिक भाषा की शिक्षण सामग्री प्रदान की। राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार नरेंद्र कश्यप ने कहा कि सपा सरकार में दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग का बजट 665 करोड़ रुपये था, जो अब 2,200 करोड़ रुपये हो गया है। प्रदेश में 25 डे केयर सेंटर संचालित हैं और 28 नए केंद्र खोले जाएंगे।

–आईएएनएस

विकेटी/डीकेपी

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IANS Agency

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