भारत में कोविड-19 के मामूली लक्षण वाले मामलों में वृद्धि देखी जा रही है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने उच्च स्तरीय बैठक में स्थिति को नियंत्रण में बताया है। विशेषज्ञों के अनुसार, अस्पताल में भर्ती की आवश्यकता नहीं है, लेकिन सतर्कता जरूरी है। गर्मी की छुट्टियों में कोविड हॉटस्पॉट से बचें और मास्क का उपयोग करें।
कई देशों में कोविड के मामले में अचानक बढ़ोतरी होनी शुरू हो गई है। ऐसे में इसका प्रभाव भारत के कई राज्यों में भी पड़ना शुरू हो गया है। हेल्थ मिनिस्ट्री के अनुसार, 19 मई तक देश में 250 से अधिक मामले सामने आए हैं। इसमें राहत की बात यह है कि सभी मरीजों के लक्षण बेहद मामूली हैं, जिन्हे हॉस्पिटल में एडमिट कराने की जरुरत भी नहीं पड़ी है। हालाँकि, सभी पॉजिटिव लोगों को आइसोलेशन में रहने की सलाह दी गई है।
सोमवार को हाई लेवल मीटिंग हुई
हालांकि सरकार और स्वास्थ्य एजेंसियां कोरोना के इस खतरे को हल्के में लेने के मूड में नहीं हैं। सोमवार को स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक बुलाई जिसमें एनसीडीसी, आईसीएमआर, आपदा प्रबंधन सेल और केंद्र सरकार के अस्पतालों के विशेषज्ञ शामिल हुए।
मौजूदा स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में
स्वास्थ्य मंत्रालय की बैठक के बाद अधिकारियों ने बताया कि देश में कोविड के हालात अभी पूरी तरह नियंत्रण में हैं। भारत का एकीकृत रोग निगरानी कार्यक्रम और आईसीएमआर के नेतृत्व वाला जीनोम अनुक्रमण कार्यक्रम लगातार कोरोना और अन्य श्वसन संक्रमणों पर नज़र रख रहा है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल यह चिंता की बात नहीं है, लेकिन सतर्कता ज़रूरी है। देश की स्वास्थ्य व्यवस्था संक्रमण की किसी भी संभावित लहर से निपटने के लिए तैयार है।
हेल्थ एक्सपर्ट की राय
हेल्थ एक्सपर्ट का कहना है कि भारत की हेल्थ अथॉरिटीज स्थिति पर खास नजर बनाए रखे हुए हैं। एक्सपर्ट ने आगे कहा जब तक मरीज अस्पताल में नहीं भर्ती होते तब तक घबराने की कोई जरुरत नहीं है। इसलिए पैनिक होने की भी जरुरत नहीं है। गर्मी छुट्टियों में ऐसे कोविड हॉटस्पॉट जगहों पर जाने से बचे। साथ ही मास्क का यूज करें। समय-समय पर सेनिटाइजर का इस्तेमाल करें। लक्षण दिखे तो जल्द ही टेस्ट करवा लें।
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