कोलकाता, 10 अगस्त (आईएएनएस)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के कोलकाता जोनल ऑफिस ने सब्यसाची दत्ता और अन्य के खिलाफ जबरन वसूली के आरोपों के आधार पर 31 जुलाई को कोलकाता और उसके आसपास (गुरुग्राम में एक जगह सहित) 15 जगहों पर तलाशी अभियान चलाया था।
इसी को लेकर ईडी ने सोमवार को एक प्रेस विज्ञप्ति कर जानकारी दी कि तलाशी के दौरान ईडी की ओर से जिन जगहों की जांच की गई, उनमें टीएमसी के पूर्व एमएलए सब्यसाची दत्ता का घर, उनसे जुड़ी कंपनियों के ऑफिस और उनसे तथा उनकी कंपनियों से जुड़े लोगों के ऑफिस और घर शामिल थे।
तलाशी की कार्रवाई के दौरान, जबरन वसूली और अन्य गैर-कानूनी गतिविधियों से हुई कमाई के इस्तेमाल से जुड़ी कई अहम दस्तावेज जैसे लेजर, डिजिटल डिवाइस आदि जब्त किए गए। दरअसल, सब्यसाची दत्ता और उनके साथियों ने शेल कंपनियों (जैसे प्रिसिजन बिल्डकॉम प्राइवेट लिमिटेड, सॉफ्टलाइन मीडिया नेटवर्क प्राइवेट लिमिटेड और अवम रियल्टी प्राइवेट लिमिटेड) के नेटवर्क के जरिए फंड घुमाकर चल और अचल संपत्तियों में निवेश किया था।
ईडी के तलाशी के दौरान सब्यसाची दत्ता और उनके साथियों से जुड़े लगभग 150 बैंक/डीमैट अकाउंट फ्रीज किए गए, जिनमें कम से कम 13.9 करोड़ रुपए का 9 अगस्त तक का बैलेंस था। इसके साथ ही 40.50 लाख रुपए नकद और 17,200 अमेरिकी डॉलर की विदेशी मुद्रा भी जब्त की गई।
ईडी ने सब्यसाची दत्ता और अन्य के मामले में पीएमएलए, 2002 के तहत जांच शुरू की। इसके लिए 23 जून 2026 को एक ईसीआईआर दर्ज की गई, जो विधाननगर पुलिस स्टेशन (नॉर्थ) में दर्ज एफआईआर पर आधारित थी। एफआईआर में आरोप लगाया गया था कि विधाननगर म्युनिसिपल कॉरपोरेशन के पूर्व मेयर सब्यसाची दत्ता और उनके साथियों ने अपने राजनीतिक प्रभाव का गलत इस्तेमाल करके जबरन वसूली का रैकेट चलाया। डरा-धमकाकर, मारपीट करके और आपराधिक साजिश रचकर, इस ग्रुप ने स्थानीय व्यापारियों से पैसे वसूले और इस कमाई के एक हिस्से को सोना, एफडी, म्यूचुअल फंड, अचल संपत्ति जैसी संपत्तियों में बदल दिया। वहीं, ईडी की ओर से इस मामले में आगे की जांच और कार्रवाई जारी है।
–आईएएनएस
डीके/पीएम
(This content is sourced from a syndicated feed and is published as received. Punjab Kesari assumes no responsibility or liability for its accuracy, completeness, or content.)



Download Android App
Download iOS App



