दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। इस मामले पर कई फिल्मी हस्तियों और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स ने अपने रिएक्शन दिए हैं। ऐसे में अब यूट्यूबर और सोशल मीडिया स्टार एल्विश यादव ने भी स्टूडेंट्स पर हुए लाठीचार्ज को लेकर अपनी राय रखी है। उन्होंने कहा है कि अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ हिंसक व्यवहार नहीं होना चाहिए था।
प्रदर्शन के दौरान हुआ विवाद

रिपोर्ट्स के मुताबिक, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संसद मार्च से पहले बड़ी तादात में प्रदर्शनकारी और स्टूडेंट्स जंतर-मंतर पर इकट्ठा हुए थे। फिर सोमवार की सुबह मार्च शुरू होने के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तनाव बढ़ गया। इस दौरान नारेबाजी हुई और हालात बिगड़ने पर पुलिस ने लाठीचार्ज करना शुरू किया। इस घटना में कई लोगों के घायल होने की भी खबरें सामने आईं। इस घटना के बाद शबाना आजमी, सोनू सूद, प्रकाश राज और कुनिका सदानंद समेत कई हस्तियों ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए। हालांकि इन सब के बीच एल्विश यादव का सवाल सबसे ज्यादा हाईलाइट हो रहा है।
Elvish Yadav On CJP Protest: एल्विश यादव ने क्या कहा?
I’m neither a BJP supporter nor a Congress supporter. But what is happening to the students is completely wrong.
The students who came forward with genuine issues should not have been subjected to violence. Their concerns deserve to be heard, and appropriate action should be…— Elvish Yadav (@ElvishYadav) July 20, 2026
एल्विश यादव ने स्टूडेंट्स पर हुए लाठीचार्ज का विरोध किया और अपने X अकाउंट पर लिखा कि, ‘मैं न तो बीजेपी का समर्थक हूं और ना ही कांग्रेस का। लेकिन छात्रों के साथ जो हो रहा है, वह पूरी तरह गलत है। जो छात्र अपनी जायज समस्याओं को लेकर सामने आए, उनके साथ हिंसा नहीं होनी चाहिए थी। उनकी बातों को सुना जाना चाहिए और उचित कार्रवाई की जानी चाहिए।’
पुलिस ने क्या दी सफाई?

हालांकि दिल्ली पुलिस ने अपने बयान में कहा है कि प्रदर्शनकारियों को कई बार वार्निंग दी गई थी और कानूनी निर्देशों का पालन करने के लिए कहा गया था। लेकिन उन्होंने वहां से हटने से इनकार कर दिया और पुलिस का आरोप है कि कुछ प्रदर्शनकारियों ने वार्निंग को ना मानते हुए बैरिकेड तोड़ने की कोशिश की, पुलिसकर्मियों पर पथराव किया और सरकारी गाड़ियों के साथ-साथ पब्लिक प्रॉपर्टी को नुकसान पहुंचाया। पुलिस के मुताबिक, कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जरूरी कार्रवाई की गई थी।
सोशल मीडिया पर बटी राय
I’m neither a BJP supporter nor a Congress supporter. But what is happening to the students is completely wrong.
The students who came forward with genuine issues should not have been subjected to violence. Their concerns deserve to be heard, and appropriate action should be…— Elvish Yadav (@ElvishYadav) July 20, 2026
एल्विश यादव के पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर मिले-जुले रिएक्शन देखने को मिल रहे हैं। कुछ लोगों ने उनके बयान का समर्थन किया, जबकि कई यूजर्स ने सवाल उठाए कि प्रदर्शन में असलियत में कितने स्टूडेंट्स शामिल थे। एक यूजर ने लिखा कि, ‘पहले यह साबित किया जाए कि वहां NEET के छात्र मौजूद थे।’ तो वहीं दूसरे यूजर ने कहा कि, ‘विरोध करना लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन यह भी देखना जरूरी है कि प्रदर्शन में शामिल लोग कौन थे और आंदोलन को सपोर्ट कहां से मिल रहा था?’
कुछ यूजर्स ने पुलिस कार्रवाई का किया समर्थन

दूसरी ओर, कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने पुलिस की कार्रवाई का बचाव भी किया। उनका कहना था कि अगर कोई ग्रुप संसद की ओर बढ़ने या सुरक्षा व्यवस्था को तोड़ने की कोशिश करता है, तो कानून के मुताबिक सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए, चाहे प्रदर्शनकारी स्टूडेंट हों या कोई और। फिलहाल, इस घटना को लेकर सोशल मीडिया पर अलग से बहस जारी है। एक ग्रुप इसे स्टूडेंट्स की आवाज दबाने की कोशिश बता रहा है, जबकि दूसरा ग्रुप कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस की कार्रवाई को सही ठहरा रहा है। हालांकि सही क्या है और गलत क्या ये तो जांच में ही पता चल पाएगा। फिलहाल इस समय को माहौल को देखते हुए कोई भी राय बनाना सही नहीं होगा।
Read More: Salman Khan के नए लुक ने बढ़ाई फैंस की चिंता, भाईजान की सेहत को लेकर उठे सवाल


Download Android App
Download iOS App




