FMG इंटर्नशिप में देरी पर फाइमा की चिंता, शीघ्र समाधान की मांग

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FAIMA : देशभर में विदेशी मेडिकल ग्रेजुएट्स (FMG) को इंटर्नशिप आवंटन और स्टाइपेंड से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इस मुद्दे को लेकर फेडरेशन ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन (फाइमा) ने केंद्र सरकार, राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) और संबंधित राज्य चिकित्सा परिषदों से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। फाइमा के अनुसार, FMGE दिसंबर 2025 सत्र में सफल हुए 346 विदेशी मेडिकल ग्रेजुएट्स दिल्ली में पिछले लगभग पांच महीनों से इंटर्नशिप आवंटन का इंतजार कर रहे हैं। आवश्यक लाइसेंसिंग परीक्षा उत्तीर्ण करने और अनिवार्य रोटेटिंग मेडिकल इंटर्नशिप (CRMI) शुरू करने के पात्र होने के बावजूद उन्हें अब तक…

FAIMA : देशभर में विदेशी मेडिकल ग्रेजुएट्स (FMG) को इंटर्नशिप आवंटन और स्टाइपेंड से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इस मुद्दे को लेकर फेडरेशन ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन (फाइमा) ने केंद्र सरकार, राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) और संबंधित राज्य चिकित्सा परिषदों से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।

फाइमा के अनुसार, FMGE दिसंबर 2025 सत्र में सफल हुए 346 विदेशी मेडिकल ग्रेजुएट्स दिल्ली में पिछले लगभग पांच महीनों से इंटर्नशिप आवंटन का इंतजार कर रहे हैं। आवश्यक लाइसेंसिंग परीक्षा उत्तीर्ण करने और अनिवार्य रोटेटिंग मेडिकल इंटर्नशिप (CRMI) शुरू करने के पात्र होने के बावजूद उन्हें अब तक इंटर्नशिप सीटें नहीं मिल सकी हैं।

संगठन के चीफ पैट्रन डॉ. रोहन कृष्णन का कहना है कि NMC के दिशा-निर्देशों और सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों के अनुसार, FMG इंटर्नशिप के दौरान समान स्टाइपेंड पाने के हकदार हैं। हालांकि कई मेडिकल कॉलेज और गैर-शिक्षण अस्पताल बजट की कमी का हवाला देते हुए FMG को सीटें देने से इनकार कर रहे हैं। वहीं, दिल्ली मेडिकल काउंसिल द्वारा दस्तावेज सत्यापन प्रक्रिया पूरी न होने के कारण भी आवंटन में देरी हो रही है।

प्रतिनिधिमंडल ने की थी दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज सिंह से मुलाकात

फाइमा ने बताया कि हाल ही में प्रतिनिधिमंडल ने दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज सिंह से मुलाकात की थी। मंत्री ने समाधान का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक कोई ठोस प्रगति नहीं हुई है। संगठन का दावा है कि ऐसी समस्याएं केवल दिल्ली तक सीमित नहीं हैं, बल्कि केरल, तमिलनाडु, असम, ओडिशा, बिहार सहित कई राज्यों में भी एफएमजी महीनों और कुछ मामलों में दो वर्ष तक इंटर्नशिप के लिए प्रतीक्षा कर रहे हैं।

फाइमा ने लंबित इंटर्नशिप आवंटन को तत्काल पूरा करने, दस्तावेज सत्यापन प्रक्रिया में तेजी लाने, राष्ट्रीय स्तर पर समयबद्ध प्रणाली लागू करने, समान स्टाइपेंड सुनिश्चित करने तथा मेडिकल कॉलेजों में एफएमजी इंटर्नशिप सीटों की सीमा 7.5 प्रतिशत से बढ़ाकर 20-30 प्रतिशत करने की मांग की है। संगठन ने चेतावनी दी कि FMGE जून 2026 परीक्षा के बाद नए सफल अभ्यर्थियों के आने से मौजूदा संकट और गहरा सकता है, इसलिए शीघ्र एवं स्थायी समाधान आवश्यक है।

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