गांधीनगर में 31 मार्च को पीएम मोदी करेंगे महावीर जयंती पर खास कार्यक्रम में शिरकत, म्यूजियम का भी होगा उद्घाटन

Summary :

गांधीनगर, 22 मार्च (आईएएनएस)। जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर स्वामी के जन्मकल्याणक के पावन अवसर पर 31 मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुजरात दौरे पर रहेंगे। इस मौके पर वे गांधीनगर के कोबा स्थित महावीर जैन आराधना केंद्र में आयोजित विशेष कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। महाराज प्रशांत सागर ने आईएएनएस को बताया कि यह कार्यक्रम राष्ट्रसंत आचार्य पद्मसागर सुरिश्वर जी महाराज के मार्गदर्शन और आशीर्वाद से आयोजित हो रहा है। उन्होंने कहा कि गुरुदेव ने भारतीय विरासत को संजोने और संस्कृति की रक्षा के लिए अपने जीवन के करीब 50 वर्ष समर्पित किए हैं। उनके इसी प्रयास का…

गांधीनगर, 22 मार्च (आईएएनएस)। जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर स्वामी के जन्मकल्याणक के पावन अवसर पर 31 मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुजरात दौरे पर रहेंगे। इस मौके पर वे गांधीनगर के कोबा स्थित महावीर जैन आराधना केंद्र में आयोजित विशेष कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे।

महाराज प्रशांत सागर ने आईएएनएस को बताया कि यह कार्यक्रम राष्ट्रसंत आचार्य पद्मसागर सुरिश्वर जी महाराज के मार्गदर्शन और आशीर्वाद से आयोजित हो रहा है। उन्होंने कहा कि गुरुदेव ने भारतीय विरासत को संजोने और संस्कृति की रक्षा के लिए अपने जीवन के करीब 50 वर्ष समर्पित किए हैं। उनके इसी प्रयास का परिणाम है कि अब यहां एक भव्य भवन तैयार किया गया है, जिसकी लागत लगभग सवा सौ करोड़ रुपये बताई जा रही है।

इस भवन में 2,500 से अधिक प्राचीन मूर्तियां, पुरानी पेंटिंग्स, शिल्पकला और जैन संस्कृति से जुड़ी कई दुर्लभ धरोहरों को सुरक्षित रखा गया है, ताकि लोग उन्हें देख सकें और आने वाली पीढ़ियों के लिए संरक्षित किया जा सके। यह अनूठा संकल्प 31 मार्च को पूरा होने जा रहा है।

पीएम मोदी सबसे पहले यहां बने म्यूजियम का उद्घाटन करेंगे और इसकी विस्तृत जानकारी लेंगे। इसके बाद वे सभा मंडप में पहुंचेंगे, जहां एक कार्यक्रम आयोजित होगा। इस दौरान वे उपस्थित लोगों को संबोधित करेंगे और अपना संदेश देंगे।

यह म्यूजियम खास तौर पर आचार्य पद्मसागर सुरिश्वर जी महाराज के जीवन, उनके आध्यात्मिक सफर और धार्मिक योगदान को दर्शाने के लिए बनाया गया है। इसमें उनके पदविहार (धार्मिक यात्राओं) से जुड़े दस्तावेज और स्मृतिचिह्न भी प्रदर्शित किए गए हैं।

बताया जाता है कि आचार्य पद्मसागर सुरिश्वर जी महाराज ने अपने जीवन में करीब 2.5 लाख किलोमीटर की तीर्थयात्रा की, जो जैन परंपरा में बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है।

म्यूजियम में पांडुलिपियों, शिलालेखों, मूर्तियों, पीतल की कलाकृतियों और धार्मिक विषयों पर आधारित पेंटिंग्स का समृद्ध संग्रह मौजूद है।

–आईएएनएस

वीकेयू/एएस

(This content is sourced from a syndicated feed and is published as received. Punjab Kesari assumes no responsibility or liability for its accuracy, completeness, or content.)

News Desk

News Desk is the editorial team of Punjab Kesari. This article is based on information provided by IANS.