घर हो या ऑफिस कहीं भी कर सकते हैं ‘एंकल मूवमेंट’, टखनों की जकड़न व दर्द में मिलेगा झट से आराम

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नई दिल्ली, 21 अप्रैल (आईएएनएस)। आजकल की अनियमित तनाव भरी जीवनशैली और लंबे समय तक एक ही स्थिति में बैठकर काम करने की आदत के कारण शरीर में जकड़न और दर्द की समस्या तेजी से बढ़ रही है। खासकर टखनों, कमर, कंधों और पीठ में जकड़न आम हो गई है। ऐसे में विशेषज्ञ छोटे और आसान व्यायाम को दिनचर्या में शामिल करने की सलाह देते हैं। एंकल मूवमेंट ऐसा ही एक आसान और असरदार व्यायाम है, जो कुछ ही मिनटों में राहत दे सकता है। भारत सरकार का आयुष मंत्रालय ट्रंक मूवमेंट को बेहद कारगर बताता है। यह एक्सरसाइज रोजाना…

नई दिल्ली, 21 अप्रैल (आईएएनएस)। आजकल की अनियमित तनाव भरी जीवनशैली और लंबे समय तक एक ही स्थिति में बैठकर काम करने की आदत के कारण शरीर में जकड़न और दर्द की समस्या तेजी से बढ़ रही है। खासकर टखनों, कमर, कंधों और पीठ में जकड़न आम हो गई है। ऐसे में विशेषज्ञ छोटे और आसान व्यायाम को दिनचर्या में शामिल करने की सलाह देते हैं। एंकल मूवमेंट ऐसा ही एक आसान और असरदार व्यायाम है, जो कुछ ही मिनटों में राहत दे सकता है।

भारत सरकार का आयुष मंत्रालय ट्रंक मूवमेंट को बेहद कारगर बताता है। यह एक्सरसाइज रोजाना 3 से 5 मिनट में आसानी से की जा सकती है। इससे टखनों और पैरों में रक्त संचार बेहतर होता है, जकड़न कम होती है और शरीर का संतुलन भी मजबूत होता है। इसे घर या ऑफिस में बैठे-बैठे या खड़े होकर भी किया जा सकता है, जिससे यह हर उम्र के लोगों के लिए सुविधाजनक बन जाता है।

विशेषज्ञ बताते हैं कि लंबे समय तक बैठे या खड़े रहने वाले लोगों के लिए यह अभ्यास खास तौर पर फायदेमंद है। नियमित रूप से एंकल मूवमेंट करने से टखनों की लचीलापन बढ़ती है और जोड़ों की कार्यक्षमता भी बेहतर होती है। इससे चलने-फिरने में आसानी होती है और गिरने का खतरा भी कम होता है, खासकर बुजुर्गों के लिए यह काफी कारगर है।

इस व्यायाम की विधि बेहद आसान है। सबसे पहले सीधे खड़े हो जाएं और दोनों पैरों को पास रखें। शरीर को संतुलित रखते हुए हाथों को कमर पर या बगल में रखें। अब एक पैर को थोड़ा आगे उठाएं, लगभग 9 इंच तक। इसके बाद पैर को धीरे-धीरे ऊपर-नीचे करें, फिर दाएं-बाएं घुमाएं। इसके बाद पैर को गोल घुमाएं- पहले घड़ी की दिशा में और फिर उल्टी दिशा में। हर दिशा में 5 से 10 बार इस प्रक्रिया को दोहराएं और फिर दूसरे पैर से भी यही करें।

व्यायाम करते समय ध्यान रखें कि हर मूवमेंट धीरे और नियंत्रित तरीके से हो। यदि संतुलन बनाए रखने में परेशानी हो तो दीवार या कुर्सी का सहारा लिया जा सकता है। यह पूरा अभ्यास कुछ ही मिनटों में पूरा हो जाता है और इसे दिन में किसी भी समय किया जा सकता है, जैसे सुबह उठने के बाद या काम के बीच ब्रेक में।

नियमित अभ्यास से टखनों और पैरों की मांसपेशियां मजबूत होती हैं। इससे पैरों में सूजन और थकान कम होती है और जोड़ों की लचीलापन बढ़ती है। साथ ही, घुटनों और कूल्हों पर दबाव कम पड़ता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे छोटे-छोटे व्यायाम रोजाना करने से शरीर को सक्रिय और संतुलित बनाए रखा जा सकता है।

–आईएएनएस

एमटी/पीएम

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