गोगामुख, 1 अप्रैल (आईएएनएस)। असम के गोगामुख में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए चुनावी बिगुल फूंक दिया। असम विधानसभा चुनाव की घोषणा के बाद यह उनकी पहली जनसभा रही।
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन की शुरुआत करते हुए कहा कि सामने उमड़ा जनसैलाब, युवाओं का उत्साह और माताओं-बहनों का आशीर्वाद साफ संकेत दे रहा है कि इस बार जीत की हैट्रिक तय है। उन्होंने कहा, “आपके आशीर्वाद से मुझे प्रधानमंत्री के रूप में हैट्रिक बनाने का अवसर मिला। इसी मैदान में भी मैं तीसरी बार आया हूं और अब असम में भी भाजपा सरकार की हैट्रिक बनने जा रही है।”
प्रधानमंत्री ने इस चुनाव को ‘विकसित असम से विकसित भारत’ बनाने का चुनाव बताया। उन्होंने भरोसा जताया कि भाजपा और एनडीए की सरकार तीसरी बार सत्ता में आएगी। साथ ही उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस की हार की हैट्रिक भी तय है और कांग्रेस के स्वयंभू राजकुमार चुनावी हार का शतक बनाने की ओर बढ़ रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने असम में पिछले 10 वर्षों के विकास का जिक्र करते हुए कहा कि पहले सर्बानंद सोनोवाल के नेतृत्व में और फिर हिमंता बिस्वा सरमा की अगुवाई में राज्य में सुशासन और सेवा का नया दौर शुरू हुआ है।
उन्होंने कहा कि बीते वर्षों में 22 लाख से अधिक परिवारों को पक्के घर दिए गए हैं। भाजपा के संकल्प पत्र में यह वादा किया गया है कि जिन लोगों को अभी तक प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं मिला है, उन्हें भी पक्का घर दिया जाएगा। साथ ही आने वाले समय में 15 लाख और परिवारों को पक्का मकान देने की गारंटी दी गई है।
प्रधानमंत्री ने शिक्षा के क्षेत्र में भी बड़ा वादा करते हुए कहा कि गरीब परिवारों के बच्चों को केजी से पीजी तक मुफ्त शिक्षा दी जाएगी।
महिलाओं के सशक्तीकरण का जिक्र करते हुए उन्होंने ‘लखपति दीदी अभियान’ के बारे में बताया कि इस योजना के तहत अब तक असम की करीब 3 लाख महिलाएं ‘लखपति बैदेउ’ बन चुकी हैं। वहीं, एनडीए सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले समय में 40 लाख महिलाओं को लखपति बनाया जाए। असम भाजपा ‘ओरुनोदोई’ योजना का विस्तार कर उसमें और सुविधाएं जोड़ने जा रही है।
बता दें कि असम सरकार की ओरुनोदोई योजना राज्य की महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण और गरीबी उन्मूलन के लिए एक प्रमुख प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण योजना है, जिसे 2 अक्टूबर 2020 को शुरू किया गया था।
प्रधानमंत्री ने असम की पहचान और संस्कृति को सुरक्षित रखने की बात भी कही। उन्होंने कहा कि राज्य में यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू करने और आदिवासी समाज व छठी अनुसूची के क्षेत्रों की परंपराओं की रक्षा करने जैसे फैसले असम की पहचान को मजबूत करेंगे।
उन्होंने बाढ़ की समस्या पर भी बात की और बताया कि ‘बाढ़ मुक्त असम मिशन’ के तहत 18,000 करोड़ रुपये से अधिक की योजना शुरू की गई है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार सैकड़ों करोड़ रुपए खर्च कर आधुनिक तटबंध बना रही है, ताकि बाढ़ की समस्या का स्थायी समाधान निकाला जा सके।
प्रधानमंत्री ने कृषि क्षेत्र का जिक्र करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत असम के करीब 11 लाख किसानों को 730 करोड़ रुपए से अधिक का क्लेम मिल चुका है।
उन्होंने कहा कि पहले असम की पहचान सिर्फ चाय के लिए होती थी, लेकिन अब राज्य टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि जल्द ही असम में सेमीकंडक्टर प्लांट से ‘चिप’ का उत्पादन शुरू होगा, जिससे राज्य आधुनिक मैन्युफैक्चरिंग का बड़ा हब बनेगा।
प्रधानमंत्री ने कहा, “आने वाले समय में मोबाइल फोन, गाड़ियां, टीवी और फ्रिज जैसे कई उपकरण असम में बनी चिप से चलेंगे। यही विकसित असम का हमारा रोडमैप है।”
उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि उसने 60-65 साल के शासन में ब्रह्मपुत्र नदी पर केवल 3 पुल बनाए, जबकि डबल इंजन सरकार ने 10-11 साल में 5 बड़े पुल तैयार किए हैं। पीएम मोदी ने आगे कहा कि पुलों की कमी के कारण लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा और कई लोगों की जान भी गई।
प्रधानमंत्री ने कहा कि पहले असम हिंसा और अशांति के लिए जाना जाता था, लेकिन अब यहां विकास की खबरें आती हैं। उन्होंने बताया कि भाजपा सरकार के दौरान हजारों युवाओं ने हथियार छोड़कर मुख्यधारा में वापसी की है।
–आईएएनएस
वीकेयू/एएस
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