नयी दिल्ली : उच्चतम न्यायालय ने उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में एक सरकारी अस्पताल में हाल में हुई बच्चों की मौत की घटना का संज्ञान लेने से आज इनकार कर दिया। शीर्ष अदालत के समक्ष यह मुद्दा उठाने वाले वकील से प्रधान न्यायाधीश जेएस खेहर और न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूड़ की पीठ ने कहा कि वह इस बाबत इलाहाबाद उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाए।
वकील ने गोरखपुर के बाबा राघवदास मेडिकल कॉलेज अस्पताल में बच्चों की मौत की एसआईटी जांच करवाने की मांग की थी। शीर्ष अदालत ने कहा कि अधिकारी स्थिति और शिकायतों को देख रहे हैं, फिर भी अगर कोई बात है तो उसे संबद्ध उच्च न्यायालय के समक्ष उठाया जा सकता है। सात अगस्त के बाद से बीआरडी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में कथित तौर पर 60 से अधिक बच्चों की मौत हो गई, जिनमें से कई की मौत ऑक्सीजन की कमी के कारण हुई है। वेंडर को बकाया राशि नहीं दिए जाने के कारण ऑक्सीजन की आपूर्ति बाधित हुई थी।
बीते दो दिन में कथित रूप से कम से कम 30 बच्चों की मौत हुई। इनमें से अधिकतर नवजात थे जिनकी मौत नियो नेटल इंटेंसिव केयर यूनिट में हुई। पुलिस ने कहा कि इस मामले में औपचारिक शिकायत प्राप्त नहीं हुई है इसलिए कोई मामला दर्ज नहीं किया गया है। राज्य सरकार ने 12 अगस्त को मामले की आधिकारिक जांच के आदेश दिए थे और मेडिकल कालेज अस्पताल के प्राचार्य राजीव मिश्रा को निलंबित कर दिया था।


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