रायपुर: चुनावी मिशन के दांव में रमन सरकार का फोकस अब ग्रामीण क्षेत्रों पर नजर आ रहा है। ग्रामीण ईलाकों में आबादी पट्टे देकर सरकार नए सिरे से बड़े वर्ग को साधने की कवायदों में नजर आ रही है। छत्तीसगढ़ में चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों की उठापटक के बीच रमन सरकार की ओर योजनाओं पर फोकस किया गया है।
मुख्यमंत्री आबादी पट्टे के तहत सर्वे का कार्य जारी है। सर्वे के बाद सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में अभियान चलाकर पात्र हितग्राहियों को मालिकाना हक दिया जाएगा। सरकार के इस कदम को चुनावी नजरिए से भी अहम माना जा रहा है। इस मामले में राजस्व विभाग में कवायदें अंतिम दौर में है। प्रत्येक गांव में राजस्व प्रकरणों को तहसीलदारों द्वारा पंजीबद्ध कर प्रक्रिया पूरी की जाएगी। ग्रामीण परिवारों को आबादी पट्टा बांटने के लिए जमीन के सर्वे के साथ भूअभिलेख निर्माण की प्रक्रिया अंतिम दौर में है।
राज्य में किसानों को बोनस देने के बाद यह सरकार का बड़ा दांव होगा। हालांकि मौजूदा सर्वे में आबादी पट्टे की सूची में कई ग्रामीण परिवारों के नाम शामिल नहीं होने की शिकायतें हैं। इन शिकायतों के बाद निराकरण को लेकर निर्देश दिए गए हैं। सूत्रों की मानें तो कई पीढिय़ों से काबिज ऐसे परिवारों के नाम सूची से गायब हैं। दावे-आपत्तियों के दौर में सरकार इसे अमलीजामा पहनाते पूरा करने की तैयारी में है।
शहरी क्षेत्रों के बाद मुख्यमंत्री का ग्रामीण क्षेत्रों में फोकस है। यहां नए सिरे से तैयारी हो सकती है। सरकार की ओर से ऐसे परिवारों को चिन्हित कर आबादी पट्टा तैयार किया जा रहा है। दावे आपत्तियों का दौर पूरा होने के बाद इस पर अंतिम निर्णय हो पाएगा। आबादी जमीन के सर्वेक्षण, खसरे से लेकर नक्श तैयार करने को अंतिम रूप दिया जा रहा है। राजनीतिक प्रेक्षकों की मानें तो यह सरकार का बड़ा दांव होगा। सरकार के इस दांव का कितना असर होगा इस पर भी सबकी नजरें टिकी हुई है।


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