शिवपुरी : स्थानीय रेस्ट हाउस पर बाल संरक्षण आयोग के अध्यक्ष डॉ राघवेन्द्र शर्मा ने एक प्रेसवार्ता के आयोजनमे कहा कि हमारी सरकार नेबाल अपराध पर अकुंश लगा है पहले बाल अपराधों से संबंधित केसो को पंजीबद्ध नही किया जाता था जिससे अपराध का ग्राफ कम दिखता था किन्तु अव अपराध पंजीबद्ध होते है बल्कि कई स्थानो पर शीघ्र न्याय मिल रहा है अभी हाल ही में खण्डवा की एक घटना एक उदाहरण है फिर भी अन्य प्रदेशों की तुलना में अपराध म.प्र में कम है बाल अपराधों पर ग्रामो ओर शहरों में नुक्कड नाटक आदि के द्वारा लोगो को जागरूक किया जा रहा है श्री शर्मा ने कहा कि बोरिंगों के खुले गड्डो में बच्चे गिरने की घटना पर कहा कि अव ऐसा होने पर बोरिग संबंधितो पर कार्यवाही की जाएगी इसके अलावा एक सवाल के जवाव में कुपोषण की गंभीरता को लेते हुए बताया कि इसमें लोगो में जारूकता की कमी है।
अर्लीआरटीजम मानसिक विकलांगता जिन बच्चों में होती है उसे दूर जड से खत्म करने के लिए शासन एक बडा कार्यक्रम तैयार कर रही है नि:शुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा अधिनियम में म.प्र. पहला राज्य है सबसे अधिक संख्या लगभग 10 लाख बच्चों को प्रवेश इस योजना में प्रवेश दिये हैं। वहीं उन्होंनें स्पष्ट करते हुए कहा कि बच्चों को गृहकार्य एवं संर्वागीर्ण विकास की गतिविधियों को करने से नहीं रोका जा सकता। बशर्ते ऐसा कोई श्रम न हो कि आर.टी.आई के अधिकारों का हनन हो रहा हो। इस मौके पर उन्होंने अपनी भाजपा सरकार की किसानों बेरोजगारों कर्मचारियों श्रमिकों ओर मरीजों से संबंधित विभिन्न योजनाओं को बताया और कहा कि अव आवश्यकता है लोगों तक इन योजनाओं के क्रियान्वयन में कहां रूकावट पैदा हो रही है।
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