रायपुर: छत्तीसगढ़ में किसानों को बोनस की सौगात दिए जाने के बाद राज्य सरकार की ओर से राहत को लेकर मंथन का दौर शुरू हो गया है। वहीं अब लगान माफी के साथ मनरेगा के तहत भी रोजगार मुहैया कराने की तैयारी है। राज्य सरकार का दावा है कि सूखा प्रभावित क्षेत्रों में नए सिरे से रिपोर्ट आने के बाद सहायता राशि दी जाएगी। इधर मुख्यमंत्री रमन सिंह ने दावा किया कि राज्य सरकार की हर योजना में समाज के अंतिम व्यक्ति की चिंता है। बीते 14 साल के कार्यकाल में किसानों, गरीबों और वनवासियों के हितों के मद्देनजर ही सरकार ने निर्णय लिए हैं। वहीं आगे भी इसी तरह के निर्णय लिए जाते रहेंगे।
उन्होंने यह भी दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के घोषणा के तहत किसानों की आय दोगुनी करने के लिए भी राज्य सरकार ने बेहतर कदम उठाए हैं। वर्ष 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने में सरकार को सफलता मिल जाएगी। किसानों को खाद, बीज, ब्याज मुक्त ऋण के साथ बिजली और सिंचाई सुविधाओं को लेकर सरकार ने रास्ते खोले हैं। इस मामले में नए सिरे से कवायदों के बीच सरकार ने किसानों को सौगातें दी है।
मुख्यमंत्री के मुताबिक सूखा प्रभवित क्षेत्रों के किसानों को राहत देने के साथ समर्थन मूल्य पर धान बेचने वाले किसानों को बोनस की राशि वितरित की जाएगी। ऐसे धान बेचने वाले पंजीकृत 13 लाख किसानों को पूरा फायदा मिलेगा। राजस्व पुस्तक परिपत्र के आधार पर एवं प्रधानमंत्री फसल बीमा के आधार पर किसानों को राहत दी जाएगी। उन्होंने दावा किया कि फसल बीमा का किसानों को दोहरा फायदा मिल सकता है।
राज्य में किसानों के उत्थान के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। राज्य सरकार ने किसानों की आय दोगुनी करने के लिए कार्ययोजना बनाई है। इसका असर भी आने वाले वर्षों में नजर आएगा। वहीं राज्य में किसानों को आगामी वर्षों में दिक्कतों से नहीं जूझना पड़ेगा।


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