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Delhi में आज से Grap-2 लागू , सभी नियमों का सख्ती से करना होगा पालन

Summary :

HIGHLIGHTS: प्रदूषण के हालात को देखते हुए आज से ग्रैप-2 (GRAP-2) लागू लोगों को ग्रैप-2 के नियमों का करना होगा पालन नवंबर से दिल्ली में अन्य राज्यों की डीजल बसें एंट्री नहीं कर पाएंगी दिल्ली सरकार के ट्रांसपोर्ट विभाग ने जारी किया सर्कुलर राजधानी दिल्ली में लगातार प्रदूषण बढ़ता जा रहा है। अब इसको देखते हुए दिल्ली सरकार ने ग्रैप-2 (GRAP-2) लागू करने का फैसला लिया है। बता दें यह फैसला आज सुबह से लागू हो गया है। इसका मकसद दिल्ली में प्रदूषण पर काबू पाना है। अब दिल्ली में रहने वाले और राजधानी से अपने वाहनों से गुजरने वाले…

HIGHLIGHTS:
  • प्रदूषण के हालात को देखते हुए आज से ग्रैप-2 (GRAP-2) लागू
  • लोगों को ग्रैप-2 के नियमों का करना होगा पालन
  • नवंबर से दिल्ली में अन्य राज्यों की डीजल बसें एंट्री नहीं कर पाएंगी
  • दिल्ली सरकार के ट्रांसपोर्ट विभाग ने जारी किया सर्कुलर

राजधानी दिल्ली में लगातार प्रदूषण बढ़ता जा रहा है। अब इसको देखते हुए दिल्ली सरकार ने ग्रैप-2 (GRAP-2) लागू करने का फैसला लिया है। बता दें यह फैसला आज सुबह से लागू हो गया है। इसका मकसद दिल्ली में प्रदूषण पर काबू पाना है। अब दिल्ली में रहने वाले और राजधानी से अपने वाहनों से गुजरने वाले लोगों को ग्रैप-2 के नियमों का पालन करना होगा।
लोगों को ग्रैप-2 के नियमों का भी पालन करना होगा
आपको बता दें प्रदूषण के बढ़ते खतरे को देखते हुए दिल्ली सरकार के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने कहा था कि ग्रैप टू के प्रावधान लागू होने के बाद एक नवंबर से दिल्ली में अन्य राज्यों की डीजल बसें एंट्री नहीं कर पाएंगी। यानी आज से GRAP-2 लागू होने की वजह से अब लोगों को ग्रैप-2 के नियमों का भी पालन करना होगा। इसको देखते हुए दिल्ली सरकार के ट्रांसपोर्ट विभाग ने एक सर्कुलर जारी कर 1 नवंबर से दिल्ली में हरियाणा, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान और पंजाब से आने वाली डीजल बसों पर रोक लगा दी है।अब दिल्ली में उन्हीं डीजल बसों को प्रवेश की इजाजत मिलेगी, जो बीएस6 कैटेगरी वाली हैं।
दिल्ली में पहले से लागू हैं ये नियम
दरअसल, ग्रैप-1 के तहत वायु प्रदूषण पर काबू पाने के लिए पहले से कई नियम लागू हैं। ग्रैप-1 के तहत 500 वर्ग मीटर के बराबर या उससे अधिक के उन भूखंड पर निर्माण और तोड़फोड़ परियोजनाओं पर काम रोकने का आदेश है, जो धूल रोकने के उपायों की निगरानी से संबंधित राज्य सरकार के पोर्टल पर पंजीकृत नहीं होते हैं। इसके अलावा, पहले चरण में दिल्ली के 300 किलोमीटर के अंदर प्रदूषण फैलाने वाली औद्योगिक इकाइयों और ताप ऊर्जा संयंत्रों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई का प्रावधान लागू है।

 

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Desk Team

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