अब भारत बनाएगा HAMMER मिसाइल, India-France करेंगे MOU पर साइन, जानिए इस अचूक हथियात के बारे में

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HAMMER Missile Impact : भारत मेक इन इंडिया की तरफ अपने कदम बढ़ाता दिख रहा है। इसी कड़ी में रक्षा क्षेत्र में भारत फांस के साथ बड़ी डील हो रही है जिसमें भारत और फ्रांस संयुक्त रूप से हैमर मिसाइल के निर्माण पर एमओयू हस्ताक्षर होने जा रहे हैं। माना जा रहा है कि हैमर मिसाइल को भारत में संयुक्त रूप से बनाने के लिए दोनों देशों में यह समझौता एआई इम्पैक्ट समिट के लिए भारत आ रहे फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के तीन दिवसीय के आधिकारिक यात्रा पर होने की संभावना है। Bharat Electronics forms a joint venture…

HAMMER Missile Impact : भारत मेक इन इंडिया की तरफ अपने कदम बढ़ाता दिख रहा है। इसी कड़ी में रक्षा क्षेत्र में भारत फांस के साथ बड़ी डील हो रही है जिसमें भारत और फ्रांस संयुक्त रूप से हैमर मिसाइल के निर्माण पर एमओयू हस्ताक्षर होने जा रहे हैं। माना जा रहा है कि हैमर मिसाइल को भारत में संयुक्त रूप से बनाने के लिए दोनों देशों में यह समझौता एआई इम्पैक्ट समिट के लिए भारत आ रहे फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के तीन दिवसीय के आधिकारिक यात्रा पर होने की संभावना है।

भारत, फ्रांस से 114 अतिरिक्त राफेल खरीदने की भी डील कर रहा है, इस वजह से हैमर मिसाइल को भारत में ही बनाने की अहमियत बढ़ गई है। इसके लिए भारत इलेक्ट्रोनिक्स ने फ्रांस की सफ्रान (Safran) के साथ एक साझा कंपनी बनाई है। आगे कुछ बताया जाए उससे पहले जान लेते हैं कि भारत के लिहाज से यह क्यों जरूरी होने जा रहा है-

HAMMER Missile Impact : हैमर मिसाइल की क्षमता

HAMMER Missile Impact
HAMMER Missile Impact (source : social media)

हैमर मिसाइल का इस्तेमाल राफेल फाइटर जेट में किया जा रहा है। अभी तक यह फ्रांस से आयात किया जा रहा है, लेकिन नए समझौते यदि सुचारु रूप से पूरा होता है तो यह भारत में ही बनने लगेगी। भारत में बनने से भारतीय वायु सेना को इसकी तेजी से डिलिवरी मिल सकती है और यह मेक इन इंडिया अभियान के लिए भी उपयुक्त है।

बता दें, HAMMER जिसे हिन्दी में हथौड़ा कहते हैं उसे फ्रांस ने ‘हाइली ऐजल मॉड्यूलर म्यूनिशन एक्सटेंडेड रेंज’ नाम दिया है।

बता दें इस का आइडिया हथौड़े से ही लिया गया है। जिस तरह हैमर के वार से कोई सतह धंस जाती है उसी तरह इस मिसाइल के वार से किसी चीज को पूरी तरह तहस नहस किया जा सकता है। यह एक स्मार्ट प्रिसिजन गाइडेड बम है, जो हवा से जमीन पर बहुत ही सूक्ष्म और सटीक हमले के लिए डिजाइन की गई है।

HAMMER Missile Strength : 60 -70 किलोमीटर रेंज

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HAMMER Missile Impact ( source : social media)

हैमर मिसाइल की हमले की रेंज मोटे तौर पर 60 से 70 किलो मीटर है। इसे पहाड़ी क्षेत्रों में दुश्मन के ठिकानों को बर्बाद करने के लिए बहुत ज्यादा प्रभावशाली माना जाता है। यह झटपट अपने काम को अंजाम देती है। इसे दुर्गम जगह पर अटैक करने के लिए बनाया गया है, जहां टारगेट को रेंज में लिया जा सकता है। दुश्मन के मजबूत से मजबूत सुरक्षा वाले बंकरों के लिए तो यह खतरनाक साबित होती है। 2007 में पहली बार पेरिस एयर शो में इसे सार्वजनिक किया गया, तब इसका नाम AASM था। लेकिन, 2011 में इसे हैमर नाम दिया गया। यह मध्यम रेंज की हवा से सतह पर मार करने वाली मिसाइल है।

India France Defence MoU : शानदार है नेविगेशन टेक्नोलोजी

एक बढ़िया मिसाइल कौन सी है, जो अपने दुश्मन को ढूंढ कर खत्म करे। इस मिसाइल की खास बात यह यह है कि एक बार अगर इस मिसाइल का टारगेट सेट कर दिया गया तो उसके बाद यह अपने टारगेट को खुद ही ढूंढती है, यानी इसे किसी गाइड की जरूरत नहीं, इसका नेविगेशन सिस्टम बहुत स्ट्रॉंग है, यदि कोई चीज स्थिर है या चलती फिरती भी है तो भी इसके टारगेट से बच नहीं सकती। यह मिसाइल 250 से लेकर 1000 किलो तक की होती है।

HAMMER Missile Impact
HAMMER Missile Impact (source : social media)

आपको बता दें, 7 मई 2025 को ओपेरेशन सिंदूर के समय भारतीय सेना ने हैमर मिसाइल का ही इस्तेमाल किया था। भारत को बड़ी कामयाबी मिलने में इस मिसाइल का भी हाथ रहा जिसने शरहद पार आतंकी ठिकानों पर निशाना साधा।

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Rohit Singh

रोहित सिंह पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। राजनीति, समाज, अंतर्राष्ट्रीय, अपराध और शैक्षणिक लेख लिखने में दिलचस्पी रखते हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय से पोलिटिकल साइंस में ग्रेजुएशन और जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी की है। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं।