थोक महंगाई दर उछलकर 1.81% हुई! पिछले 9 महीनों में सबसे अधिक स्तर, आम लोगों की जेब पर पड़ेगा असर

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India Wholesale Inflation Rate: देश में थोक स्तर (Wholesale Price) पर महंगाई दर (Inflation Rate) में जनवरी महीने के दौरान बढ़ोतरी दर्ज की गई है। सरकार द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, जनवरी में थोक मूल्य सूचकांक (WPI) पर आधारित महंगाई दर बढ़कर 1.81 प्रतिशत हो गई है। यह पिछले 9 महीनों में सबसे अधिक स्तर माना जा रहा है। इससे पहले दिसंबर महीने में यह दर 0.83 प्रतिशत थी। यानी एक महीने में महंगाई में स्पष्ट तेजी देखने को मिली है। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के मुताबिक, इस बढ़ोतरी के पीछे कई प्रमुख कारण हैं। India Wholesale Inflation…

India Wholesale Inflation Rate: देश में थोक स्तर (Wholesale Price) पर महंगाई दर (Inflation Rate) में जनवरी महीने के दौरान बढ़ोतरी दर्ज की गई है। सरकार द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, जनवरी में थोक मूल्य सूचकांक (WPI) पर आधारित महंगाई दर बढ़कर 1.81 प्रतिशत हो गई है।

यह पिछले 9 महीनों में सबसे अधिक स्तर माना जा रहा है। इससे पहले दिसंबर महीने में यह दर 0.83 प्रतिशत थी। यानी एक महीने में महंगाई में स्पष्ट तेजी देखने को मिली है। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के मुताबिक, इस बढ़ोतरी के पीछे कई प्रमुख कारण हैं।

India Wholesale Inflation Rate: थोक महंगाई में बढ़ोतरी का कारण

India Wholesale Inflation Rate (image-AI )
India Wholesale Inflation Rate (image-AI )

खासतौर पर धातुओं, अन्य तैयार उत्पादों, गैर-खाद्य वस्तुओं, खाद्य पदार्थों और कपड़ों की कीमतों में वृद्धि ने थोक महंगाई को ऊपर धकेला है। इन क्षेत्रों में लागत बढ़ने से बाजार में वस्तुओं के दाम बढ़े, जिसका असर सीधे तौर पर महंगाई दर पर पड़ा। धातुओं की कीमतों में तेजी का प्रभाव निर्माण और औद्योगिक क्षेत्रों पर भी पड़ता है। वहीं तैयार माल की लागत बढ़ने से कंपनियों का खर्च बढ़ता है, जिसे वे अक्सर उपभोक्ताओं तक पहुंचा देती हैं। इसी वजह से थोक स्तर पर कीमतों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

WPI Inflation January 2026: खाद्य महंगाई में भी इजाफा

India Wholesale Inflation Rate (image-s-m )
India Wholesale Inflation Rate (image-s-m )

जनवरी महीने में खाद्य महंगाई में भी बढ़ोतरी देखी गई है। यह बढ़कर 1.41 प्रतिशत पर पहुंच गई है। जबकि दिसंबर में खाद्य महंगाई दर शून्य प्रतिशत थी, यानी उस समय कीमतों में कोई खास बदलाव नहीं हुआ था। खाद्य वस्तुओं की कीमतों में हुई यह वृद्धि आम लोगों की जेब पर असर डाल सकती है, क्योंकि खाने-पीने की चीजें रोजमर्रा की जरूरत का हिस्सा हैं।

सब्जियों, अनाज, दालों और अन्य खाद्य उत्पादों की कीमतों में हल्की तेजी ने कुल महंगाई दर को प्रभावित किया है। यदि आने वाले महीनों में खाद्य वस्तुओं की कीमतें इसी तरह बढ़ती रहीं तो इसका असर और ज्यादा महसूस किया जा सकता है।

Wholesale Price Index India: अनुमान से ज्यादा रही बढ़ोतरी

India Wholesale Inflation Rate (image-s-m )India Wholesale Inflation Rate (image-s-m )
India Wholesale Inflation Rate (image-s-m )

अर्थशास्त्रियों ने पहले अनुमान लगाया था कि जनवरी में थोक महंगाई दर लगभग 1.25 प्रतिशत तक पहुंच सकती है। हालांकि वास्तविक आंकड़े इससे अधिक रहे और महंगाई 1.81 प्रतिशत पर पहुंच गई। यानी बाजार के अनुमान से भी ज्यादा तेजी देखने को मिली है। इससे यह संकेत मिलता है कि कीमतों पर दबाव अपेक्षा से अधिक है।

January WPI Percent: खुदरा महंगाई में भी वृद्धि

सिर्फ थोक स्तर पर ही नहीं, बल्कि खुदरा स्तर पर भी महंगाई बढ़ी है। जनवरी 2026 में खुदरा महंगाई दर बढ़कर 2.75 प्रतिशत हो गई है। खुदरा महंगाई वह दर होती है जो आम उपभोक्ता द्वारा खरीदी जाने वाली वस्तुओं और सेवाओं की कीमतों के आधार पर तय की जाती है। इस बढ़ोतरी के पीछे मुख्य कारण खाद्य पदार्थों और कीमती धातुओं की कीमतों में इजाफा है।

नया उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI), जिसका आधार वर्ष 2024 है, उसी के आधार पर ये आंकड़े जारी किए गए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में खुदरा महंगाई 2.73 प्रतिशत और शहरी क्षेत्रों में 2.77 प्रतिशत दर्ज की गई है। दोनों क्षेत्रों में लगभग समान स्तर की वृद्धि देखी गई है।

आगे क्या हो सकता है?

मौजूदा आंकड़े बताते हैं कि कीमतों पर दबाव बना हुआ है। यदि कच्चे माल, खाद्य वस्तुओं और धातुओं की कीमतों में बढ़ोतरी जारी रहती है, तो आने वाले महीनों में महंगाई और बढ़ सकती है। हालांकि यह काफी हद तक वैश्विक बाजार, मांग और आपूर्ति की स्थिति तथा सरकारी नीतियों पर भी निर्भर करेगा। फिलहाल, जनवरी के आंकड़े यह संकेत देते हैं कि महंगाई ने फिर से रफ्तार पकड़ ली है और इस पर नजर बनाए रखना जरूरी है।

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Amit Kumar

अमित कुमार पिछले 3 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रहे हैं। उन्हें विदेश, बिजनेस, ऑटो, टेक और गैजेट्स से जुड़ी खबरें लिखने का अच्छा अनुभव है। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्युनिकेशन, आईआईएमसी से पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा और उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन विश्वविद्यालय से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई की है। पत्रकारिता की शुरुआत उन्होंने वेबसाइट पर लिखने से की। इसके बाद इंडिया डेली न्यूज़ चैनल और न्यूज़ इंडिया 24x7 में हिंदी सब-एडिटर के तौर पर काम किया। वर्तमान में वह पंजाब केसरी, दिल्ली में हिंदी सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं।