पटना, 11 सितंबर (आईएएनएस)। बिहार के कटिहार जिले के सेमापुर रेलवे स्टेशन पर शुक्रवार को एक बड़ा रेल हादसा टल गया, जब डिब्रूगढ़-चंडीगढ़ एक्सप्रेस ट्रैक के एक टूटे हुए हिस्से के ऊपर से गुजरी।
माना जाता है कि ट्रेन के लोको पायलट की सतर्कता ने सैकड़ों यात्रियों के साथ होने वाले एक संभावित गंभीर हादसे को टाल दिया।
ट्रेन नंबर 15904, डिब्रूगढ़-चंडीगढ़ एक्सप्रेस, ईस्ट सेंट्रल रेलवे के सोनपुर डिवीजन के कटिहार-बरौनी सेक्शन पर सेमापुर स्टेशन के यार्ड एरिया में घुस रही थी, तभी सुबह करीब 9 बजे उसे पटरी में एक गंभीर दरार (रेल फ्रैक्चर) का सामना करना पड़ा।
इंजन और उसके ठीक पीछे वाला कोच खराब हिस्से के ऊपर से गुजर चुके थे, तभी लोको पायलट को ट्रेन के नीचे से जोरदार खड़खड़ाहट की आवाज सुनाई दी।
संभावित खतरे को भांपते हुए पायलट ने तुरंत इमरजेंसी ब्रेक लगाए और ट्रेन को रोक दिया। इसके बाद लोको पायलट ने ट्रेन गार्ड और सेमापुर स्टेशन मास्टर को घटना की जानकारी दी। एक बड़ा हादसा टलने की मुख्य वजह उस समय ट्रेन की धीमी गति थी।
डिब्रूगढ़ एक्सप्रेस को सेमापुर में एक लूप या शंटिंग लाइन पर डायवर्ट किया जाना था, ताकि पीछे से आ रही राजधानी एक्सप्रेस उसे ओवरटेक कर सके। नतीजतन, स्टेशन में घुसते समय ट्रेन पहले से ही धीमी गति से चल रही थी।
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि अगर ट्रेन अपनी सामान्य गति से चल रही होती तो टूटी हुई पटरी के कारण ट्रेन के पटरी से उतरने का बड़ा खतरा हो सकता था। खराब पटरी का पता चलते ही रेलवे अधिकारियों और तकनीकी कर्मचारियों ने तुरंत कार्रवाई की।
सीडब्ल्यूसीआई प्रेम प्रकाश, यूएसडी अमृत सागर और बिहपुर-सेमापुर आरपीएफ आउटपोस्ट के इंचार्ज मनोज कुमार सिंह, एक तकनीकी टीम और सुरक्षा कर्मियों के साथ घटनास्थल पर पहुंचे।
रेलवे इंजीनियरों ने शुरू में अस्थायी उपाय के तौर पर क्लैंप और फिशप्लेट लगाकर खराब हिस्से को सुरक्षित किया। जब पटरी को सुरक्षित किया जा रहा था, तब डिब्रूगढ़-चंडीगढ़ एक्सप्रेस लगभग दो घंटे तक उसी जगह पर खड़ी रही।
अस्थायी मरम्मत पूरी होने और पटरी को आवाजाही के लिए सुरक्षित घोषित किए जाने के बाद ट्रेन को सीमित गति से आगे बढ़ने की अनुमति दी गई। ट्रेन के प्रभावित हिस्से को सुरक्षित रूप से पार करने के बाद, इंजीनियरिंग टीम ने रेल के टूटे हुए हिस्से की वेल्डिंग करके स्थायी मरम्मत की।
घटना की पुष्टि करते हुए आरपीएफ आउटपोस्ट इंचार्ज मनोज कुमार सिंह ने कहा कि रेल में दरार या टूट-फूट देखने के बाद लोको पायलट ने तुरंत ट्रेन रोक दी थी। उन्होंने कहा कि रेलवे प्रशासन ने ट्रैक को ठीक करने के लिए तेजी से कार्रवाई की और इसके बाद उस सेक्शन पर ट्रेनों का परिचालन सामान्य हो गया।
–आईएएनएस
डीके/डीकेपी
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