नई दिल्ली/कोहिमा, 11 सितंबर (आईएएनएस)। नागालैंड के मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो और उपमुख्यमंत्री यानथुंगो पैटन ने शुक्रवार को नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की और राज्य से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। इस संबंध में अधिकारियों ने जानकारी दी।
मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो ने मुलाकात के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में लिखा, “हमने गृह मंत्री शाह से मुलाकात की और नागालैंड की विकास संबंधी आकांक्षाओं को तेजी से पूरा करने के लिए उनके हस्तक्षेप और समर्थन का अनुरोध किया। नागालैंड की प्रगति और विकास के लिए उनके निरंतर मार्गदर्शन और समर्थन के लिए हम आभारी हैं।”
उपमुख्यमंत्री पैटन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “नई दिल्ली में मुख्यमंत्री डॉ. नेफ्यू रियो के साथ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। हमने नागालैंड से जुड़े मामलों पर सार्थक चर्चा की, जिसमें राज्य की विकास प्राथमिकताएं और हमारे लोगों का कल्याण और उनकी आकांक्षाएं शामिल थीं। नागालैंड के प्रति समय देने और निरंतर ध्यान बनाए रखने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री का आभार।”
इस बीच, नागालैंड विधानसभा ने पिछले सप्ताह सर्वसम्मति से एक सरकारी प्रस्ताव पारित किया, जिसमें केंद्र से राज्य में वर्तमान में लागू ‘प्रोटेक्टेड एरिया परमिट’ (पीएपी) व्यवस्था की तत्काल समीक्षा करने और इसे वापस लेने तथा पहले दी गई छूट को बहाल करने का आग्रह किया गया। 14वीं नागालैंड विधानसभा के 9वें सत्र के दौरान, केंद्र सरकार से नागालैंड में वर्तमान में लागू पीएपी व्यवस्था की तत्काल समीक्षा करने और इसे वापस लेने तथा पहले लागू रही छूट को बहाल करने का आग्रह करने वाला प्रस्ताव सर्वसम्मति से स्वीकार किया गया।
उपमुख्यमंत्री पैटन (जिनके पास गृह और सीमा मामलों का विभाग भी है) द्वारा पेश और सदन द्वारा सर्वसम्मति से पारित इस प्रस्ताव में नागालैंड के शांतिपूर्ण माहौल और पर्यटन, संस्कृति, निवेश, उद्यमिता और अंतरराष्ट्रीय जुड़ाव के लिए इसकी बढ़ती संभावनाओं पर प्रकाश डाला गया। सदन ने माना कि पर्यटन, सेवा और रचनात्मक क्षेत्रों के साथ-साथ, विशेष रूप से युवाओं के लिए रोजगार और आजीविका का एक महत्वपूर्ण स्रोत बनकर उभरा है।
विधानसभा ने यह भी गौर किया कि नागरिक समाज संगठनों, आदिवासी निकायों, पर्यटन से जुड़े लोगों, उद्यमियों और नागा समाज के अन्य वर्गों ने बार-बार पीएपी व्यवस्था को वापस लेने या उसमें ढील देने की इच्छा व्यक्त की है। ‘फॉरेनर्स (प्रोटेक्टेड एरियाज) ऑर्डर, 1958’ के तहत नागालैंड, मणिपुर और मिजोरम में लागू पीएपी, तय इलाकों में विदेशी नागरिकों के प्रवेश को नियंत्रित और सीमित करता है।
–आईएएनएस
एएसएच/डीकेपी
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