बलूचिस्तान में छापेमारी के दौरान पाकिस्तानी सेना की फायरिंग, चार नागरिकों की मौत का दावा

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क्वेटा, 11 सितंबर (आईएएनएस)। पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत के खुजदार जिले की वाध तहसील में एक घर पर छापेमारी के दौरान पाकिस्तान के फ्रंटियर कॉर्प्स (एफसी) के जवानों की कथित फायरिंग में कम से कम चार नागरिकों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। स्थानीय मीडिया ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, एफसी ने गुरुवार रात अजीज यार मोहम्मद गरगनारी नामक व्यक्ति के घर पर छापा मारा और इस दौरान गोलीबारी की। घटना में चार लोगों की मौत हो गई, जबकि महिलाओं और बच्चों समेत कई लोग घायल हो गए। घटना के…

क्वेटा, 11 सितंबर (आईएएनएस)। पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत के खुजदार जिले की वाध तहसील में एक घर पर छापेमारी के दौरान पाकिस्तान के फ्रंटियर कॉर्प्स (एफसी) के जवानों की कथित फायरिंग में कम से कम चार नागरिकों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। स्थानीय मीडिया ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, एफसी ने गुरुवार रात अजीज यार मोहम्मद गरगनारी नामक व्यक्ति के घर पर छापा मारा और इस दौरान गोलीबारी की। घटना में चार लोगों की मौत हो गई, जबकि महिलाओं और बच्चों समेत कई लोग घायल हो गए।

घटना के बाद स्थानीय लोगों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए क्वेटा-कराची राजमार्ग को जाम कर दिया।

बलूच वॉयस फॉर जस्टिस (बीवीजे) ने इस घटना की निंदा करते हुए कहा कि आबादी वाले इलाके में नागरिकों की हत्या की स्वतंत्र और पारदर्शी जांच होनी चाहिए। संगठन ने आरोप लगाया कि बलूच नागरिकों की लगातार हत्याएं हिंसा, सामूहिक दंड और व्यवस्थित दमन की राज्य नीति को दर्शाती हैं।

बीवीजे ने इसे बलूच लोगों के खिलाफ “नरसंहार के व्यापक पैटर्न” का हिस्सा बताते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से बलूचिस्तान में नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने, पाकिस्तान पर जवाबदेही तय करने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने का दबाव बनाने की मांग की।

बलूच यकजेहती कमेटी (बीवाईसी) की नेता सबीहा बलूच ने भी वाध की घटना की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि इस घटना ने स्थानीय समुदायों, खासकर बच्चों पर सैन्य अभियानों के गंभीर प्रभाव को उजागर किया है।

सबीहा बलूच ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि बलूचिस्तान में सैन्य अभियानों के दौरान न्यायेतर हत्याएं, लोगों के घायल होने, जबरन गायब किए जाने और सामूहिक दंड जैसी घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। उन्होंने दावा किया कि वाध के किली यार मोहम्मद सोनारो इलाके में एफसी की फायरिंग में चार नागरिक मारे गए और सात वर्षीय शाहजेब समेत कई लोग घायल हुए।

उन्होंने आरोप लगाया कि बलूच नागरिकों के खिलाफ सैन्य बल का बार-बार इस्तेमाल, बच्चों की मौत और समुदायों में लगातार भय का माहौल किसी एक घटना तक सीमित नहीं है, बल्कि यह व्यवस्थित हिंसा का हिस्सा है।

यह घटना कुछ दिन पहले मस्तुंग जिले की करडीगाप तहसील में हुई कथित गोलाबारी के बाद सामने आई है। स्थानीय मीडिया के अनुसार, वहां एफसी की भारी गोलाबारी में बच्चों समेत चार लोगों की मौत हो गई थी और कई अन्य घायल हुए थे। रिपोर्ट में दावा किया गया कि कई गोले अब्दुल जलील सरपराह के घर पर गिरे, जिसमें उनकी मां और दो बच्चियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल छह वर्षीय बच्ची ने बाद में अस्पताल में दम तोड़ दिया।

–आईएएनएस

डीएससी

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IANS Agency

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