अहमदाबाद, 4 सितंबर (आईएएनएस)। अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन लिमिटेड (एपीएसईजेड) ने शुक्रवार को कहा कि वह मुंद्रा में एक समर्पित एम्प्टी कंटेनर यार्ड (ईसीवाई) की शुरुआत कर रहा है, जिसमें एकीकृत वेयरहाउसिंग सुविधा भी होगी। यह केंद्र खाली कंटेनरों के पूरे जीवनचक्र के लिए एंड-टू-एंड सेवाएं प्रदान करेगा, जिनमें भंडारण, रखरखाव, निरीक्षण और निर्यातकों तथा कंटेनर फ्रेट स्टेशनों (सीएफएस) तक निर्बाध आवाजाही शामिल है।
अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन लिमिटेड (एपीएसईजेड) ने शुक्रवार को कहा कि वह अपनी ‘एंबिशन 2031’ रणनीति के तहत मुंद्रा में समर्पित एम्प्टी कंटेनर यार्ड (ईसीवाई) और एकीकृत वेयरहाउसिंग सुविधा शुरू कर रहा है। इसका उद्देश्य कंटेनर प्रबंधन क्षमता बढ़ाना और लॉजिस्टिक्स संचालन को अधिक कुशल बनाना है।
भारत के सबसे बड़े एकीकृत परिवहन संचालक एपीएसईजेड ने कहा कि वह अगले पांच वर्षों में अपने नेटवर्क में 60 लाख टीईयू से अधिक कंटेनर हैंडलिंग क्षमता जोड़ने की योजना बना रहा है, जिसमें मुंद्रा पोर्ट इस विस्तार का प्रमुख केंद्र होगा।
एपीएसईजेड के पूर्णकालिक निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) अश्विनी गुप्ता ने कहा, “मुंद्रा में स्थापित किया जा रहा समर्पित एम्प्टी कंटेनर यार्ड, जिसका संचालन एपीएसईजेड और/या उसके साझेदार (सीएफएस तथा शिपिंग लाइनों सहित) करेंगे, कंटेनर इकोसिस्टम में दक्षता बढ़ाएगा। इससे कंटेनरों की टर्नअराउंड टाइम कम होगी, अनावश्यक आवाजाही घटेगी और लॉजिस्टिक्स लागत का बेहतर अनुकूलन हो सकेगा।”
उन्होंने कहा कि व्यापार सुगमता से जुड़ा बुनियादी ढांचा मजबूत करना एपीएसईजेड की प्राथमिकता है, जो भारत की आर्थिक प्रगति और ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को समर्थन देने की उसकी प्रतिबद्धता का हिस्सा है।
वित्त वर्ष 2025-26 तक भारत के कंटेनर बाजार में अदाणी पोर्ट्स की हिस्सेदारी 45.5 प्रतिशत है। इनमें अकेले मुंद्रा पोर्ट देश के लगभग 35 प्रतिशत कंटेनर व्यापार को संभालता है, जिससे यह भारत का सबसे बड़ा कंटेनर-हैंडलिंग बंदरगाह बन गया है।
कंपनी के अनुसार, मुंद्रा में हर वर्ष लगभग 16 लाख टीईयू खाली कंटेनरों का प्रबंधन किया जाता है। यह आंकड़ा भारत की आयात-निर्यात आपूर्ति श्रृंखलाओं में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका को दर्शाता है।
कंपनी ने कहा कि यह पहल सरकार की प्रौद्योगिकी-सक्षम और अधिक कुशल लॉजिस्टिक्स प्रणाली विकसित करने तथा ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बेहतर बनाने की नीति के अनुरूप है।
अदाणी पोर्ट्स वर्तमान में 16 रणनीतिक रूप से स्थित बंदरगाहों और टर्मिनलों का संचालन करता है। इसके पास 136 जहाजों का विविध समुद्री बेड़ा और एकीकृत लॉजिस्टिक्स क्षमता भी है।
वर्तमान में एपीएसईजेड की कार्गो हैंडलिंग क्षमता 653 मिलियन टन प्रतिवर्ष है और भारत के कुल बंदरगाह कार्गो वॉल्यूम में इसकी हिस्सेदारी करीब 27 प्रतिशत है। कंपनी का लक्ष्य वर्ष 2030 तक 1 बिलियन टन थ्रूपुट हासिल करना है।
–आईएएनएस
पीएम
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