चेन्नई, 23 मार्च (आईएएनएस)। अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एआईएडीएमके) ने सोमवार को आगामी तमिलनाडु विधानसभा चुनावों के लिए अपने प्रमुख सहयोगी दलों के साथ सीट बंटवारे की औपचारिक घोषणा की, जिससे राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के भीतर हफ्तों से चल रही बातचीत का नतीजा स्पष्ट हो गया।
हालांकि, पार्टी ने उन सीटों की संख्या की घोषणा नहीं की जिन पर वह चुनाव लड़ेगी, जिससे चुनावी पहेली का एक महत्वपूर्ण हिस्सा अनसुलझा रह गया।
यह घोषणा केंद्रीय मंत्री और भाजपा के तमिलनाडु चुनाव प्रभारी पीयूष गोयल के अंतिम दौर की चर्चाओं की देखरेख के लिए चेन्नई पहुंचने के तुरंत बाद हुई।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मीडिया को संबोधित करते हुए गठबंधन के नेताओं ने पुष्टि की कि भाजपा 27 सीटों पर, पट्टाली मक्कल काची (पीएमके) 18 सीटों पर और टीटीवी दिनाकरन के नेतृत्व वाली अम्मा मक्कल मुनेत्र कड़गम (एएमएमके) 11 सीटों पर चुनाव लड़ेगी।
पार्टी सूत्रों ने संकेत दिया कि आंतरिक विचार-विमर्श अभी भी जारी है, जिसमें नेता सहयोगियों को समायोजित करने और प्रमुख गढ़ों को बरकरार रखने के बीच संतुलन बनाने के इच्छुक हैं।
हाल के दिनों में गठबंधन के भीतर बातचीत में गतिरोध आ गया था, विशेष रूप से भाजपा की 50 से अधिक सीटों की प्रारंभिक मांग को लेकर, जिसमें चेन्नई के टी नगर जैसे हाई-प्रोफाइल निर्वाचन क्षेत्र भी शामिल थे।
हालांकि, एआईएडीएमके ने कहा कि वह अपने मूल चुनावी आधार को कमजोर किए बिना सीमित संख्या से अधिक सीटों पर समझौता नहीं कर सकती।
गतिरोध के चलते एआईएडीएमके के महासचिव एडप्पाडी के. पलानीस्वामी को पिछले सप्ताह नई दिल्ली जाना पड़ा, जहां उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की।
सहयोगी दलों के वरिष्ठ नेता, जिनमें पीएमके के अंबुमणि रामदास और एएमएमके प्रमुख टीटीवी दिनाकरन शामिल थे, भी मतभेदों को सुलझाने के उद्देश्य से समानांतर विचार-विमर्श में शामिल हुए।
इस बीच, सत्तारूढ़ द्रविड़ मुन्नेत्र कजगम (डीएमके) अपने गठबंधन बनाने के प्रयासों में लगी हुई है। पार्टी ने कांग्रेस के साथ 28 सीटों का बंटवारा तय कर लिया है और सीपीआई को पांच सीटें दी गई हैं।
धर्मनिरपेक्ष प्रगतिशील गठबंधन एकजुट मोर्चा पेश करने के प्रयास में सीपीएम और डीएमडीके सहित अन्य साझेदारों के साथ बातचीत जारी है।
हालांकि, सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस ने चेन्नई सहित 39 पसंदीदा निर्वाचन क्षेत्रों की सूची प्रस्तुत की है, जिससे डीएमके नेतृत्व के सामने नई चुनौतियां खड़ी हो गई हैं।
–आईएएनएस
एमएस/
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