अमरावती, 2 नवंबर (आईएएनएस)। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने सोमवार को प्रशासन को चक्रवात ‘मुरासु’ के मद्देनजर सतर्क रहने का निर्देश दिया। यह चक्रवात सोमवार की रात आंध्र प्रदेश के तट से टकराने वाला है।
मुख्यमंत्री ने सचिवालय में रियल टाइम गवर्नेंस सोसायटी (आरटीजीएस) केंद्र के वरिष्ठ अधिकारियों और जिला कलेक्टरों के साथ चक्रवात से निपटने की तैयारियों की समीक्षा बैठक की। उन्होंने जानमाल के नुकसान को रोकने के लिए ठोस उपायों की आवश्यकता पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को पूरी तरह सतर्क रहने का निर्देश दिया, क्योंकि दक्षिण तटीय आंध्र प्रदेश और रायलसीमा जिलों में मध्यम से भारी वर्षा की संभावना है। उन्होंने कहा कि आंध्र प्रदेश तट पर चक्रवात ‘मुरासु’ का प्रभाव अपेक्षाकृत सीमित रहने की संभावना है। पूर्वानुमानों के मुताबिक, पिछले सप्ताह तट से टकराने वाले चक्रवात ‘अर्नब’ की तुलना में हवा की गति और वर्षा की तीव्रता भी कम रहने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि चक्रवात अर्नब से प्रभावित क्षेत्रों में काफी हद तक सामान्य स्थिति बहाल हो चुकी है। उन्होंने याद दिलाया कि चक्रवात ‘अर्नब’ से निपटने के लिए श्रीकाकुलम से बापटला तक व्यवस्थाएं की गई थीं और अधिकारियों को चक्रवात ‘मुरासु’ के प्रभाव को भी प्रभावी ढंग से प्रबंधित करने का निर्देश दिया।
अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को सूचित किया कि श्रीकाकुलम से कृष्णा जिले तक बिजली के 31,000 खंभे भेजे जा चुके हैं। उनका अनुमान है कि चक्रवात ‘मुरासु’ से जुड़ी हवाओं के कारण दक्षिण तटीय और रायलसीमा जिलों में लगभग 8,000 खंभे प्रभावित हो सकते हैं।
बिजली बहाली के काम में सहायता के लिए चेन्नई से 1,000 अन्य कर्मचारी आ रहे हैं। मुख्यमंत्री नायडू ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि उन्हें नेल्लोर और प्रकाशम सहित विभिन्न जिलों में तैनात किया जाए।
अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को सूचित किया कि पालनाडु जिले में सबसे अधिक लगभग 30 सेंटीमीटर वर्षा होने की संभावना है, इसके बाद प्रकाशम में 24 सेंटीमीटर और मार्कपुरम में 19 सेंटीमीटर वर्षा होगी। कृष्णा और गुंटूर जिलों में 9 सेंटीमीटर तक वर्षा हो सकती है। एलुरु और नेल्लोर में भी लगभग 9 सेंटीमीटर वर्षा होने की संभावना है।
मुख्यमंत्री ने जल प्रबंधन पर विशेष ध्यान देने का आह्वान किया। उन्होंने अधिकारियों को गुंटूर, बापटला, पालनाडु, प्रकाशम, नेल्लोर और मार्कपुरम जिलों में जलाशयों और तालाबों को भरने का निर्देश दिया, जहां वर्षा की कमी रही है। उन्होंने उन्हें दक्षिण तटीय और रायलसीमा बेसिन के जलाशयों में जल संचयन के लिए एक कार्य योजना तैयार करने का भी निर्देश दिया।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को चक्रवात ‘मुरासु’ से प्रभावित होने की आशंका वाले छह जिलों में स्थित 6,800 तालाबों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया। उन्होंने जल उपयोगकर्ता संघों को सक्रिय करने का आह्वान किया और जनभागीदारी से तालाबों की स्थिति की निगरानी करने की आवश्यकता पर बल दिया।
उन्होंने अधिकारियों को जलधारा कार्यक्रम के अंतर्गत किए गए कार्यों का उपयोग करने और यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि कोई भी तालाब न टूटे। उन्होंने अधिकारियों को नालियों में गाद जमा होने से फसलों के जलमग्न होने से बचने के लिए निवारक उपाय करने का भी निर्देश दिया।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को चक्रवात के बाद के पुनर्निर्माण कार्यों को 48 घंटों के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने फसल बीमा मुआवजे और इनपुट सब्सिडी प्रक्रियाओं में तेजी लाने की आवश्यकता पर भी बल दिया।
–आईएएनएस
एएसएच/वीसी
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