असम में बाढ़ राहत के नाम पर चंदा वसूली पर सख्ती, सीएम हिमंत सरमा ने पुलिस को दिए कार्रवाई के निर्देश

Summary :

गुवाहाटी, 6 अगस्त (आईएएनएस)। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने गुरुवार को राज्यभर में बाढ़ राहत के नाम पर बिना अनुमति चंदा इकट्ठा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने पुलिस को सार्वजनिक सड़कों पर चलाए जा रहे ऐसे सभी अनधिकृत चंदा संग्रह अभियानों पर तत्काल रोक लगाने को कहा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि किसी भी व्यक्ति या संगठन को वाहनों को रोककर, दान पेटियां लेकर या ट्रैफिक चौराहों और सार्वजनिक स्थानों पर क्यूआर कोड दिखाकर बाढ़ पीड़ितों के नाम पर धन जुटाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। पत्रकारों से बातचीत में सरमा ने कहा…

गुवाहाटी, 6 अगस्त (आईएएनएस)। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने गुरुवार को राज्यभर में बाढ़ राहत के नाम पर बिना अनुमति चंदा इकट्ठा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने पुलिस को सार्वजनिक सड़कों पर चलाए जा रहे ऐसे सभी अनधिकृत चंदा संग्रह अभियानों पर तत्काल रोक लगाने को कहा।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि किसी भी व्यक्ति या संगठन को वाहनों को रोककर, दान पेटियां लेकर या ट्रैफिक चौराहों और सार्वजनिक स्थानों पर क्यूआर कोड दिखाकर बाढ़ पीड़ितों के नाम पर धन जुटाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

पत्रकारों से बातचीत में सरमा ने कहा कि बाढ़ राहत के नाम पर राहगीरों और वाहन चालकों से चंदा वसूलने की प्रवृत्ति बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस तरह की गतिविधियां आम लोगों के लिए असुविधा पैदा करती हैं और एकत्र की गई राशि की पारदर्शिता पर भी सवाल खड़े करती हैं।

उन्होंने कहा, “बाढ़ राहत के नाम पर सार्वजनिक सड़कों पर किसी को भी चंदा इकट्ठा करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। ऐसे अनधिकृत धन संग्रह में शामिल पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”

मुख्यमंत्री ने बताया कि असम पुलिस को पहले ही निर्देश जारी कर दिए गए हैं कि राज्य में जहां कहीं भी इस तरह की गतिविधियां दिखाई दें, उन्हें तुरंत बंद कराया जाए। उन्होंने कहा कि सड़क किनारे दान पेटियां लेकर खड़े रहने या क्यूआर कोड के माध्यम से वाहन चालकों और राहगीरों से धन मांगने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

यह निर्देश ऐसे समय में आया है, जब राज्य के विभिन्न हिस्सों से सड़क चौराहों और व्यस्त सार्वजनिक स्थानों पर बाढ़ राहत और पुनर्वास के नाम पर चंदा इकट्ठा किए जाने की खबरें सामने आई हैं।

राज्य सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे दान देते समय सतर्क रहें और केवल अधिकृत सरकारी माध्यमों या मान्यता प्राप्त संस्थाओं के जरिए ही आर्थिक सहायता दें, ताकि मदद वास्तविक बाढ़ प्रभावित परिवारों तक पहुंच सके।

गौरतलब है कि हाल के सप्ताहों में भारी बारिश और ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों से आए पानी के कारण असम के कई जिले भीषण बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। लाखों लोग इसकी चपेट में आए हैं और राज्य प्रशासन, आपदा राहत एजेंसियां तथा विभिन्न संगठन राहत एवं पुनर्वास कार्यों में जुटे हुए हैं।

मुख्यमंत्री ने दोहराया कि बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए जनता का सहयोग स्वागतयोग्य है, लेकिन धन संग्रह की प्रक्रिया पारदर्शी, जवाबदेह और कानून के दायरे में होनी चाहिए, ताकि मानवीय सहायता के नाम पर किसी तरह के दुरुपयोग को रोका जा सके।

–आईएएनएस

डीएससी

(This content is sourced from a syndicated feed and is published as received. Punjab Kesari assumes no responsibility or liability for its accuracy, completeness, or content.)

News Desk

News Desk is the editorial team of Punjab Kesari. This article is based on information provided by IANS.