Monsoon Session Of Delhi Assembly : दिल्ली विधानसभा के मानसून सत्र शुक्रवार से शुरू होने जा रही है। जिसमें सरकार प्रशासनिक सुधार, नागरिक सेवाओं, शहरी विकास और पर्यटन क्षेत्र से जुड़े तीन महत्वपूर्ण विधेयक पेश करने की तैयारी में है। इन विधेयकों के माध्यम से जहां कुछ पुराने कानूनों को निरस्त कर नई व्यवस्था लागू करने का प्रस्ताव रखा जाएगा, वहीं नागरिकों को समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराने, शहरी विकास से जुड़े कानूनी प्रावधानों में संशोधन और पर्यटन क्षेत्र के नियमों को वर्तमान जरूरतों के अनुरूप बनाने की दिशा में भी कदम उठाए जाएंगे। सरकार का कहना है कि इन विधायी प्रस्तावों का उद्देश्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और आधुनिक बनाना है।
सत्र के दौरान सबसे अहम विधेयक ‘दिल्ली राइट टू टाइम बाउंड डिलीवरी ऑफ सर्विसेज बिल, 2026’ होगा, जिसके लागू होने पर वर्ष 2011 का मौजूदा कानून निरस्त किया जाएगा। इसके अलावा दिल्ली अर्बन शेल्टर इम्प्रूवमेंट बोर्ड (डीयूएसआईबी) अधिनियम, 2010 में संशोधन का प्रस्ताव भी सदन में रखा जाएगा। वहीं पर्यटन विभाग ‘दिल्ली (इनक्रेडिबल इंडिया) बेड एंड ब्रेकफास्ट एस्टैब्लिशमेंट्स (रजिस्ट्रेशन एंड रेगुलेशन) एक्ट 2007’ तथा उससे जुड़े संशोधन अधिनियमों को निरस्त करने संबंधी विधेयक पेश करेगा। इन प्रस्तावों पर मानसून सत्र के दौरान विस्तृत चर्चा होने की संभावना है।
वहीं दूसरी तरफ विधानसभा की सुरक्षा को लेकर गुरुवार को विधानसभा अध्यक्ष विजेन्द्र गुप्ता की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। बैठक का उद्देश्य विधानसभा की कार्यवाही के सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं निर्बाध संचालन के लिए सुरक्षा एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की व्यापक समीक्षा करना था। बैठक में दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों सहित विशेष पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) देवेश श्रीवास्तव, संयुक्त पुलिस आयुक्त (नॉर्दर्न रेंज) मधुकर वर्मा, पुलिस उपायुक्त (उत्तर) राजा बंथिया, पुलिस उपायुक्त (सुरक्षा) हुकमाराम साई, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (उत्तर) निहारिका भट्ट तथा अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ), दिल्ली अग्निशमन सेवा, बम डिस्पोजल स्क्वैड, डिटेक्टिव यूनिट, स्पेशल स्टाफ, स्वाट टीम, स्थानीय पुलिस, एम्बुलेंस सेवाओं तथा दिल्ली विधानसभा सचिवालय के अधिकारियों ने भी बैठक में भाग लिया।
दिल्ली पुलिस ने किया मॉक ड्रिल का आयोजन
मानसून सत्र से पहले दिल्ली पुलिस ने गुरुवार को विधानसभा परिसर में एक व्यापक मॉक ड्रिल का आयोजन किया, ताकि सुरक्षा तैयारियों, आपातकालीन प्रतिक्रिया क्षमता तथा किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने की तत्परता का आकलन किया जा सके। बैठक में विधानसभा अध्यक्ष को बताया गया कि मानसून सत्र के दौरान लगभग 130 पुलिसकर्मी, जिनमें केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के जवान भी शामिल होंगे, सुरक्षा व्यवस्था के लिए तैनात किए जाएंगे। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि विधानसभा परिसर की सुरक्षा को और मजबूत करने तथा बाहरी दृश्य पहुंच को रोकने के लिए परिसर की परिधि पर व्यू कटर लगाए जाएंगे। साथ ही, एक सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) स्तर के अधिकारी की विधानसभा में स्थायी तैनाती की जाएगी।
विधानसभा परिसर में दिल्ली पुलिस के लिए एक समर्पित कार्यालय भी स्थापित किया जाएगा, जिससे सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय, सतत निगरानी तथा किसी भी सुरक्षा संबंधी स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। बैठक के अंत में गुप्ता ने कहा कि मानसून सत्र के सुरक्षित, सुचारु एवं सफल संचालन के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएँ और सभी संबंधित एजेंसियाँ पूरे सत्र के दौरान आपसी समन्वय बनाए रखते हुए कार्य करें।



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