दिल्ली के हर पौधे का बनेगा डिजिटल रिपोर्ट कार्ड

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Delhi LG News : राजधानी में पौधारोपण अभियानों की सबसे बड़ी चुनौती पौधे लगाना नहीं, बल्कि उन्हें जीवित रखना रही है। इसी चुनौती से निपटने के लिए दिल्ली के उपराज्यपाल एवं डीडीए के चेयरमैन तरनजीत सिंह संधू ने एक नई पहल की है। उनके निर्देश पर दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने मेगा प्लांटेशन ड्राइव 2026-27 के तहत देश का पहला डिजिटल प्लांटेशन मॉनिटरिंग सिस्टम शुरू किया है। इस व्यवस्था के लागू होने के बाद अब केवल पौधे लगाने का रिकॉर्ड नहीं बनेगा, बल्कि हर पौधे की देखभाल, उसकी वृद्धि और उसके जीवित रहने तक की डिजिटल निगरानी की जाएगी।नई व्यवस्था…

Delhi LG News : राजधानी में पौधारोपण अभियानों की सबसे बड़ी चुनौती पौधे लगाना नहीं, बल्कि उन्हें जीवित रखना रही है। इसी चुनौती से निपटने के लिए दिल्ली के उपराज्यपाल एवं डीडीए के चेयरमैन तरनजीत सिंह संधू ने एक नई पहल की है। उनके निर्देश पर दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने मेगा प्लांटेशन ड्राइव 2026-27 के तहत देश का पहला डिजिटल प्लांटेशन मॉनिटरिंग सिस्टम शुरू किया है।

इस व्यवस्था के लागू होने के बाद अब केवल पौधे लगाने का रिकॉर्ड नहीं बनेगा, बल्कि हर पौधे की देखभाल, उसकी वृद्धि और उसके जीवित रहने तक की डिजिटल निगरानी की जाएगी।नई व्यवस्था के तहत फील्ड अधिकारी मोबाइल एप के माध्यम से मौके से ही पौधारोपण की जियो-टैग्ड तस्वीरें और पूरी जानकारी अपलोड करेंगे। यह जानकारी सीधे केंद्रीय डैशबोर्ड पर पहुंचेगी, जिससे अधिकारियों को वास्तविक समय में यह पता चलता रहेगा कि किस स्थान पर कितने पौधे लगाए गए, उनकी स्थिति क्या है और कहीं रखरखाव में कोई कमी तो नहीं है। यदि किसी स्थान पर पौधे सूख जाते हैं या नष्ट हो जाते हैं तो उसका भी डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होगा और वहां दोबारा पौधारोपण कराया जाएगा।

डीडीए ने इस अभियान को केवल लक्ष्य पूरा करने तक सीमित नहीं रखा है, बल्कि पहली बार पौधों के जीवित रहने की जिम्मेदारी भी तय कर दी है। सिंचाई, रखरखाव, सुरक्षा और निगरानी के लिए फील्ड स्तर पर अधिकारियों को जवाबदेह बनाया गया है। इसके साथ ही पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए एक स्वतंत्र थर्ड पार्टी एजेंसी पौधों के जीवित रहने का सत्यापन करेगी, ताकि अभियान का निष्पक्ष आकलन हो सके और जहां जरूरत हो वहां तुरंत सुधारात्मक कदम उठाए जा सकें।

आम नागरिक भी पूरे अभियान की कर सकेंगे निगरानी

इस पहल की एक और विशेषता यह है कि डीडीए की वेबसाइट पर उपलब्ध सार्वजनिक डैशबोर्ड के माध्यम से आम नागरिक भी पूरे अभियान की निगरानी कर सकेंगे। लोग पार्कवार लगाए गए पौधों की संख्या, उनकी प्रजाति, जियो-लोकेशन और अभियान की प्रगति देख सकेंगे। इससे पौधारोपण अभियान में पारदर्शिता बढ़ने के साथ नागरिकों की भागीदारी भी मजबूत होगी। डीडीए के अनुसार, 23 लाख देशी पौधे लगाने के लक्ष्य में से 50 प्रतिशत से अधिक पौधारोपण एक महीने से भी कम समय में पूरा किया जा चुका है। अब तक 118 आरडब्ल्यूए, 18 धार्मिक संगठन, 31 सरकारी एवं अन्य संस्थान, 24 स्कूल, 11 शिक्षण संस्थान तथा 13,750 से अधिक लोग इस अभियान से जुड़ चुके हैं।

एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत डीडीए लगा रहा 23 लाख देशी पौधे

डीडीए का कहना है कि तकनीक आधारित निगरानी, जवाबदेही, सार्वजनिक सहभागिता और स्वतंत्र मूल्यांकन की यह नई व्यवस्था दिल्ली में हरित क्षेत्र बढ़ाने, वायु प्रदूषण कम करने, शहरी तापमान नियंत्रित करने, जैव विविधता को बढ़ावा देने और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने में अहम भूमिका निभाएगी। यह अभियान 70 लाख पौधारोपण मिशन और ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत चलाया जा रहा है, जिसके अंतर्गत डीडीए को राजधानी में 23 लाख देशी पौधे लगाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

Sumant Chaudhary