असम ने शासन के लिए स्पेस टेक्नोलॉजी का लाभ उठाया, पांच सालों में 60 परियोजनाएं पूरी कीं

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गुवाहाटी, 3 जुलाई (आईएएनएस)। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने शुक्रवार को कहा कि राज्य दीर्घकालिक विकासात्मक चुनौतियों के समाधान के लिए विज्ञान और अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी का तेजी से उपयोग कर रहा है। उन्होंने शासन व्यवस्था को मजबूत करने और सार्वजनिक सेवा वितरण में सुधार लाने में असम राज्य अंतरिक्ष अनुप्रयोग केंद्र (एएसएसएसी) की बढ़ती भूमिका पर प्रकाश डाला। सोशल मीडिया पर जानकारी साझा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि एएसएसएसी ने पिछले पांच वर्षों में 60 से अधिक अंतरिक्ष और भू-स्थानिक परियोजनाएं शुरू की हैं। सरमा ने कहा कि असम दीर्घकालिक समस्याओं के समाधान खोजने के लिए विज्ञान…

गुवाहाटी, 3 जुलाई (आईएएनएस)। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने शुक्रवार को कहा कि राज्य दीर्घकालिक विकासात्मक चुनौतियों के समाधान के लिए विज्ञान और अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी का तेजी से उपयोग कर रहा है।

उन्होंने शासन व्यवस्था को मजबूत करने और सार्वजनिक सेवा वितरण में सुधार लाने में असम राज्य अंतरिक्ष अनुप्रयोग केंद्र (एएसएसएसी) की बढ़ती भूमिका पर प्रकाश डाला।

सोशल मीडिया पर जानकारी साझा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि एएसएसएसी ने पिछले पांच वर्षों में 60 से अधिक अंतरिक्ष और भू-स्थानिक परियोजनाएं शुरू की हैं।

सरमा ने कहा कि असम दीर्घकालिक समस्याओं के समाधान खोजने के लिए विज्ञान का लाभ उठा रहा है। असम राज्य अंतरिक्ष अनुप्रयोग केंद्र (एएसएसएसी) ने पिछले पांच वर्षों में मानचित्रण और पूर्वानुमान के विभिन्न क्षेत्रों में 60 से अधिक परियोजनाएं शुरू की हैं, जो सरकारी निर्णय लेने और सेवा वितरण में सहायता करती हैं।

मुख्यमंत्री द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, एएसएसएसी ने 2021-26 की अवधि के दौरान 60 परियोजनाएं पूरी कीं, जो पिछले दशकों की तुलना में इसकी गतिविधियों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्शाती है।

आंकड़ों से पता चला कि 1989 से 2021 तक, यानी 32 वर्षों की अवधि में, संगठन ने 82 परियोजनाएं कार्यान्वित की थीं। इसके विपरीत, इसने पिछले पांच वर्षों में ही 60 परियोजनाएं पूरी कीं, जो राज्य सरकार द्वारा भू-स्थानिक प्रौद्योगिकियों को अपनाने की तीव्र गति को दर्शाती हैं।

ये परियोजनाएं मानचित्रण, रिमोट सेंसिंग, स्थानिक विश्लेषण और पूर्वानुमान सहित कई क्षेत्रों को कवर करती हैं, जो साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण में सहायक होती हैं और सरकारी कार्यक्रमों के अधिक कुशल कार्यान्वयन को सक्षम बनाती हैं।

अधिकारियों ने कहा कि बुनियादी ढांचे की योजना बनाने, प्राकृतिक संसाधनों की निगरानी, ​​आपदा प्रबंधन, शहरी विकास, कृषि और पर्यावरण संरक्षण में उपग्रह इमेजरी, भौगोलिक सूचना प्रणाली (जीआईएस), रिमोट सेंसिंग डेटा और भविष्यसूचक विश्लेषण का उपयोग तेजी से महत्वपूर्ण होता जा रहा है।

राज्य सरकार पारदर्शिता, दक्षता और नागरिक-केंद्रित सेवा वितरण में सुधार लाने के लिए प्रशासनिक प्रक्रियाओं में वैज्ञानिक उपकरणों को एकीकृत करके प्रौद्योगिकी-आधारित शासन को बढ़ावा दे रही है।

–आईएएनएस

एमएस/

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