Arvind Kejriwal News: आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने ई-20 यानी 20 प्रतिशत इथेनॉल मिले पेट्रोल को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि सरकार बिना लोगों की सहमति के इस तरह का पेट्रोल पूरे देश में लागू कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि देश को एक प्रयोगशाला की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है। केजरीवाल का कहना है कि अगर यह सिर्फ एक प्रयोग है, तो इसे पहले सीमित संख्या में गाड़ियों पर आजमाया जाना चाहिए था, न कि पूरे देश में लागू किया जाता।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, केजरीवाल ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा करते हुए कहा कि केंद्र सरकार के अटॉर्नी जनरल ने सुप्रीम कोर्ट में ई-20 पेट्रोल को एक “प्रयोग” बताया था। लेकिन जब यह बात मीडिया में सामने आई तो सरकार ने इससे इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि अगर सरकार खुद इसे प्रयोग मान रही है, तो फिर पूरे देश की करोड़ों गाड़ियों पर इसे लागू करना सही नहीं है।
पहले छोटे स्तर पर होना चाहिए था परीक्षण

अरविंद केजरीवाल का कहना है कि किसी भी नई तकनीक या ईंधन को पहले कुछ सौ या हजार वाहनों पर जांचा जाता है। उसके बाद यदि परिणाम अच्छे मिलते हैं, तभी उसे बड़े स्तर पर लागू किया जाता है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब ई-20 पेट्रोल को लेकर अभी भी बहस चल रही है, तो इसे सभी लोगों के लिए अनिवार्य क्यों बनाया गया।
केजरीवाल ने दावा किया कि ई-20 पेट्रोल इस्तेमाल करने से कई लोगों की गाड़ियों का माइलेज पहले की तुलना में कम हो गया है। उनके अनुसार कुछ वाहन मालिकों का कहना है कि माइलेज में करीब 30 प्रतिशत तक की कमी आई है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि लोगों को कम माइलेज मिल रहा है, तो पेट्रोल की कीमत भी उसी अनुपात में कम होनी चाहिए। उनका तर्क है कि समान कीमत देकर कम दूरी तय करना लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाल रहा है।
सरकारी विशेषज्ञ के बयान का दिया हवाला

अपने बयान में केजरीवाल ने भारत पेट्रोलियम से जुड़े एक अधिकारी के कथित बयान का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अधिकारी ने माना है कि इथेनॉल की ऊर्जा क्षमता सामान्य पेट्रोल से कम होती है। इसी कारण इससे चलने वाले वाहनों का माइलेज भी कम हो सकता है। केजरीवाल ने कहा कि जब इस बात को विशेषज्ञ भी मान रहे हैं, तो सरकार को इस विषय पर खुलकर जानकारी देनी चाहिए।
केजरीवाल ने कहा कि कई वाहन मालिकों का आरोप है कि ई-20 पेट्रोल के कारण उनकी गाड़ियों के इंजन और कुछ पार्ट्स पर असर पड़ रहा है। कुछ लोगों ने इंजन में जंग लगने और अन्य तकनीकी दिक्कतों की भी शिकायत की है। उन्होंने कहा कि अगर ऐसी शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं, तो सरकार को उनकी जांच करानी चाहिए। साथ ही यदि किसी की गाड़ी को नुकसान हुआ है, तो उसके लिए जिम्मेदारी भी तय होनी चाहिए।
प्रधानमंत्री को लिखेंगे पत्र

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि वह जल्द ही प्रधानमंत्री को एक पत्र लिखेंगे। इस पत्र में वह ई-20 पेट्रोल को लेकर लोगों की चिंताओं का जिक्र करेंगे और सरकार से इस फैसले पर दोबारा विचार करने की मांग करेंगे। उन्होंने लोगों से भी सुझाव मांगे हैं कि इस पत्र में किन-किन मुद्दों को शामिल किया जाए। उन्होंने नागरिकों से कहा कि वे सोशल मीडिया या डायरेक्ट मैसेज के जरिए अपनी राय भेज सकते हैं।
जनता की राय सुनने की अपील
केजरीवाल ने कहा कि सरकार जनता के वोट से बनती है, इसलिए उसे लोगों की बात सुननी चाहिए। उनका कहना है कि यदि बड़ी संख्या में लोग किसी नीति को लेकर चिंता जता रहे हैं, तो सरकार को उनकी समस्याओं को गंभीरता से लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी नई व्यवस्था को लागू करने से पहले उसके सभी पहलुओं की सही तरीके से जांच होनी चाहिए, ताकि आम लोगों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
यह भी पढ़ें: New EV Policy : चार वर्षों में 7000 करोड़ रुपए निवेश करेगी दिल्ली सरकार : CM रेखा गुप्ता























