भोपाल, 20 मार्च (आईएएनएस)। भोपाल स्थित भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के केंद्र ने अगले 24 घंटों के दौरान मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में बिजली गिरने के साथ-साथ गरज और ओलावृष्टि की संभावना को लेकर एक नया अलर्ट जारी किया है।
प्रदेश के कई हिस्सों में शुक्रवार को तेज हवाएं चलीं। आईएमडी के भोपाल केंद्र ने आगर जिले में हवा की अधिकतम गति 74 किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज की।
खबरों के मुताबिक, इन तेज हवाओं और तूफान की वजह से प्रदेश के कई हिस्सों में गेहूं की फसलों को नुकसान पहुंचा।
शुक्रवार को आईएमडी के भोपाल केंद्र ने कहा कि अगले 24 घंटों के दौरान अस्थिर मौसम की स्थिति के कारण छिटपुट से लेकर कई स्थानों पर गरज और बिजली गिरने की संभावना है, साथ ही कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि भी हो सकती है।
वहीं, शुक्रवार को सीहोर में हवा की गति 54 किमी प्रति घंटा दर्ज की गई, जबकि बड़वानी में यह 46 किमी प्रति घंटा रही। अलीराजपुर में 43 किमी प्रति घंटा, इंदौर हवाई अड्डे पर 41 किमी प्रति घंटा, भोपाल शहर में 39 किमी प्रति घंटा, पचमढ़ी में 37 किमी प्रति घंटा, धार और उज्जैन में 35 किमी प्रति घंटा, अशोकनगर में 33 किमी प्रति घंटा, राजगढ़ में 31 किमी प्रति घंटा और विदिशा में 26 किमी प्रति घंटा की रफ्तार दर्ज की गई।
पूर्वी मध्य प्रदेश में, नरसिंहपुर में 46 किमी प्रति घंटे, जबलपुर हवाई अड्डे और कटनी में 41 किमी प्रति घंटे, सागर में 39 किमी प्रति घंटे और चित्रकूट में 30 किमी प्रति घंटे की रफ्तार दर्ज की गई।
भोपाल मौसम विज्ञान केंद्र द्वारा जारी की गई एक नई आंधी-तूफान की चेतावनी के साथ ही ये तेज हवाएं चलीं। विभाग ने चेतावनी दी है कि सिवनी और श्योपुर कलां जिलों में बिजली और ओलावृष्टि के साथ मध्यम दर्जे की आंधी आने की संभावना है।
गुना, दक्षिण ग्वालियर, पूर्व राजगढ़, अशोकनगर, मंडला, रायसेन (सांची और भीमबेटका सहित), शिवपुरी, मुरैना, जबलपुर (हवाई अड्डे और भेड़ाघाट सहित), कटनी, विदिशा (उदयगिरि सहित), भोपाल (बैरागढ़ हवाई अड्डे सहित), उत्तरी सागर और मऊगंज में शाम के समय बिजली की गतिविधि के साथ हल्की आंधी आने की संभावना है।
किसानों को अपने पशुधन की रक्षा करने और बाहरी कार्यों को स्थगित करने की सलाह दी गई है। यह मौसम प्रणाली क्षेत्र में व्याप्त चक्रवाती परिसंचरण से जुड़ी हुई है, जिसके कारण आने वाले घंटों में मध्य और पूर्वी मध्य प्रदेश में छिटपुट गरज के साथ बारिश होने की संभावना है।
आईएमडी ने लोगों से सुरक्षा दिशानिर्देशों का पालन करने और आधिकारिक अलर्ट के माध्यम से नवीनतम जानकारी प्राप्त करते रहने का आग्रह किया है। अभी तक भारी बारिश का पूर्वानुमान नहीं है, लेकिन तेज हवाओं और बिजली गिरने का खतरा प्रभावित जिलों में तत्काल बना हुआ है। स्थिति पर बारीकी से नजर रखी जा रही है, और सिस्टम में प्रगति होने पर आगे की जानकारी जारी की जाएगी।
दक्षिण-पश्चिम राजस्थान और आसपास के क्षेत्रों में मौजूद चक्रवाती परिसंचरण और उससे संबंधित निम्न दबाव क्षेत्र, अपेक्षित गतिविधि का मुख्य कारण है। आईएमडी केंद्र ने भोपाल, सीहोर, रायसेन, विदिशा, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी और मध्य और पश्चिमी मध्य प्रदेश के कई अन्य जिलों को ‘येलो अलर्ट’ के तहत रखा है।
अधिकारियों ने लोगों को सलाह दी है कि वे खराब मौसम की स्थिति में घर से बाहर न निकलें। 20 से 24 मार्च तक के पांच दिवसीय पूर्वानुमान में कई जिलों में छिटपुट स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बनी हुई है। 22 मार्च से उत्तर-पश्चिम भारत की ओर एक नया, कमजोर पश्चिमी विक्षोभ आने की संभावना है, जिससे अतिरिक्त नमी और मौसम में बदलाव आ सकते हैं।
–आईएएनएस
एएसएच/एबीएम
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