बंगाल में 11 बजे तक मतदान प्रतिशत 41 फीसदी के पार पहुंचा, तमिलनाडु में 37.56 प्रतिशत मत पड़े

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कोलकाता/चेन्नई, 23 अप्रैल (आईएएनएस)। भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) की ओर से जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, गुरुवार सुबह 11 बजे तक पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में मतदान प्रतिशत 41.11 प्रतिशत और तमिलनाडु में 37.56 प्रतिशत दर्ज किया गया है। पश्चिम बंगाल के 16 जिलों की 152 विधानसभा सीटों के लिए गुरुवार सुबह 7 बजे से वोटिंग शुरू हो गई। यह दो चरणों में होने वाले अहम विधानसभा चुनावों का पहला चरण है। इस बार चुनावों को लेकर वोटरों में काफी उत्साह देखने को मिला, क्योंकि कई पोलिंग स्टेशनों के बाहर लंबी-लंबी लाइनें लगी हुई थीं। जिन 16 जिलों में…

कोलकाता/चेन्नई, 23 अप्रैल (आईएएनएस)। भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) की ओर से जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, गुरुवार सुबह 11 बजे तक पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में मतदान प्रतिशत 41.11 प्रतिशत और तमिलनाडु में 37.56 प्रतिशत दर्ज किया गया है।

पश्चिम बंगाल के 16 जिलों की 152 विधानसभा सीटों के लिए गुरुवार सुबह 7 बजे से वोटिंग शुरू हो गई। यह दो चरणों में होने वाले अहम विधानसभा चुनावों का पहला चरण है। इस बार चुनावों को लेकर वोटरों में काफी उत्साह देखने को मिला, क्योंकि कई पोलिंग स्टेशनों के बाहर लंबी-लंबी लाइनें लगी हुई थीं।

जिन 16 जिलों में गुरुवार को पहले चरण की वोटिंग हो रही है, उनमें उत्तरी बंगाल के कूच बिहार, दार्जिलिंग, कलिम्पोंग, जलपाईगुड़ी, अलीपुरद्वार, उत्तरी दिनाजपुर, दक्षिणी दिनाजपुर और मालदा; और दक्षिणी बंगाल के मुर्शिदाबाद, पूर्वी मिदनापुर, पश्चिमी मिदनापुर, झाड़ग्राम, पुरुलिया, बांकुड़ा, पश्चिमी बर्दवान और बीरभूम शामिल हैं।

वहीं पश्चिम बंगाल में बाकी बची 142 विधानसभा सीटों के लिए चुनाव का दूसरा चरण 29 अप्रैल को होगा। नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएंगे।

इस बीच, तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के लिए भी सभी 234 सीटों पर सुबह 7 बजे से वोटिंग शुरू हो गई है। इन चुनावों में 5.73 करोड़ से अधिक योग्य वोटर, चार-तरफा कड़े मुकाबले में 4,023 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला करेंगे।

इस चुनावी मुकाबले में मुख्य रूप से डीएमके के नेतृत्व वाला सेक्युलर प्रोग्रेसिव अलायंस, ऑल इंडिया अन्‍ना द्रविड़ मुन्‍नेत्र कड़गम के नेतृत्व वाला नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस, नाम तमिलर काची और तमिलगा वेट्री कज़गम शामिल हैं। इस वजह से यह हाल के सालों के सबसे कड़े मुकाबलों में से एक बन गया है।

वोटिंग सुबह से ही शुरू हो गई थी। पोलिंग बूथों पर बड़ी संख्या में वोटर कतारों में खड़े दिखे, जिससे लोकतांत्रिक प्रक्रिया में हिस्सा लेने के लिए लोगों का ज़बरदस्त उत्साह साफ झलक रहा था।

चूंकि मतदाताओं की भागीदारी की निर्णायक भूमिका निभाने की उम्मीद है, इसलिए राजनीतिक दल सभी निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान के रुझानों पर बारीकी से नजर रख रहे हैं। मतों की गिनती 4 मई को होनी है, जब चुनावी फैसला तमिलनाडु में अगली सरकार का निर्धारण करेगा।

–आईएएनएस

एसएके/पीएम

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