तेलंगाना विधानसभा से बीआरएस के 21 विधायक मानसून सत्र की बाकी अवधि के लिए निलंबित

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हैदराबाद, 9 सितंबर (आईएएनएस)। तेलंगाना विधानसभा के स्पीकर गड्डम प्रसाद कुमार ने बुधवार को सदन की कार्यवाही में बाधा डालने के कारण भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के विधायकों को मानसून सत्र की बाकी अवधि के लिए सदन से निलंबित कर दिया। विधायी मामलों के मंत्री डी. श्रीधर बाबू के प्रस्ताव पेश करने के बाद स्पीकर ने विधायकों को निलंबित करने की घोषणा की। सदन में मौजूद बीआरएस के सभी 21 सदस्यों को सस्पेंड कर दिया गया। इनमें बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष के.टी. रामा राव और विधानसभा में पार्टी के उपनेता टी. हरीश राव शामिल हैं। मुख्य विपक्षी पार्टी के सदस्यों…

हैदराबाद, 9 सितंबर (आईएएनएस)। तेलंगाना विधानसभा के स्पीकर गड्डम प्रसाद कुमार ने बुधवार को सदन की कार्यवाही में बाधा डालने के कारण भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के विधायकों को मानसून सत्र की बाकी अवधि के लिए सदन से निलंबित कर दिया।

विधायी मामलों के मंत्री डी. श्रीधर बाबू के प्रस्ताव पेश करने के बाद स्पीकर ने विधायकों को निलंबित करने की घोषणा की।

सदन में मौजूद बीआरएस के सभी 21 सदस्यों को सस्पेंड कर दिया गया। इनमें बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष के.टी. रामा राव और विधानसभा में पार्टी के उपनेता टी. हरीश राव शामिल हैं।

मुख्य विपक्षी पार्टी के सदस्यों को तब सस्पेंड किया गया, जब उन्होंने सोमवार को विधानसभा के प्रवेश द्वार पर पुलिस द्वारा अपनी महिला विधायकों के साथ कथित बदसलूकी पर बहस की मांग करते हुए अपना विरोध जारी रखा।

बीआरएस ने महिला विधायकों के साथ पुलिस की ज्यादती, के.टी. रामा राव के आवास के बाहर पुलिस की मौजूदगी में हुई रैली, कांग्रेस विधायकों से मिली कथित धमकियों और राज्य में बिगड़ती कानून-व्यवस्था की स्थिति पर चर्चा के लिए स्थगन प्रस्ताव पेश किया था।

जैसे ही सदन की कार्यवाही शुरू हुई, बीआरएस सदस्यों ने स्पीकर से अपने स्थगन प्रस्ताव पर बहस कराने की मांग की। स्पीकर ने स्थगन प्रस्ताव को खारिज कर दिया और सुझाव दिया कि बीआरएस सदस्य इस मुद्दे को किसी अन्य तरीके से उठाएं।

बीआरएस सदस्यों ने “हमें न्याय चाहिए” के नारे लगाए और सदन के बीचों-बीच (वेल में) आ गए। शोर-शराबे के बीच मंत्री अदलूरी लक्ष्मण ने सिद्दीपेट में उस जगह पर बीआरएस नेताओं द्वारा कथित ‘शुद्धिकरण अनुष्ठान’ किए जाने का मुद्दा उठाया, जहां दलितों ने विरोध प्रदर्शन किया था। उन्होंने स्पीकर प्रसाद कुमार के खिलाफ बीआरसी एमएलसी द्वारा की गई अपमानजनक और अपशब्द भरी टिप्पणियों की भी निंदा की।

मंत्री ने कहा कि इस मामले पर सदन में चर्चा होनी चाहिए, क्योंकि यह तेलंगाना के आत्म-सम्मान से जुड़ा है और दलितों के खिलाफ लगातार हो रहे भेदभाव को उजागर करता है।

उपमुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्क ने मंत्री की मांग का समर्थन किया और बीआरएस पदाधिकारियों द्वारा शुद्धिकरण अनुष्ठान करते हुए तस्वीरें दिखाईं। उन्होंने सदन के बीचों-बीच बीआरएस के विरोध प्रदर्शन पर नाराजगी जताई। उपमुख्यमंत्री ने पूछा, “सम्माननीय स्पीकर का अपमान करने के बाद आप कैसा न्याय चाहते हैं?”

उपमुख्यमंत्री ने बीआरएस नेताओं पर स्पीकर को डराने-धमकाने का आरोप भी लगाया और चेतावनी दी कि इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

स्पीकर, उपमुख्यमंत्री और मंत्री श्रीधर बाबू ने बीआरएस सदस्यों से बार-बार अपनी सीटों पर लौटने और सदन को सुचारू रूप से चलने देने की अपील की। जब बीआरएस विधायकों का विरोध जारी रहा, तो श्रीधर बाबू ने उन्हें सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित करने का प्रस्ताव पेश किया।

–आईएएनएस

ओपी/पीएम

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IANS Agency

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