नई दिल्ली, 18 अप्रैल (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में शनिवार को हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में केंद्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (डीए) में 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी गई है। यह बढ़ोतरी 1 जनवरी 2026 से लागू होगी, जिससे कर्मचारियों की सैलरी में इजाफा होगा।
कैबिनेट ने केंद्रीय कर्मचारियों के लिए अतिरिक्त महंगाई भत्ता (डीए) और पेंशनर्स के लिए महंगाई राहत (डीआर) जारी करने की भी मंजूरी दी है। यह बढ़ोतरी मौजूदा 58 प्रतिशत की दर से 2 प्रतिशत ज्यादा है, जो महंगाई के असर को कम करने के लिए दी जा रही है।
सरकार के अनुसार, डीए और डीआर बढ़ाने से सरकारी खजाने पर सालाना करीब 6,791.24 करोड़ रुपए का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। इस फैसले से लगभग 50.46 लाख केंद्रीय कर्मचारी और 68.27 लाख पेंशनर्स को फायदा मिलेगा।
यह बढ़ोतरी 7वां केंद्रीय वेतन आयोग की सिफारिशों के आधार पर तय किए गए फॉर्मूले के अनुसार की गई है।
इस फैसले से कर्मचारियों की सैलरी में बढ़ोतरी होगी, वहीं दूसरी ओर प्रस्तावित 8वें वेतन आयोग को लेकर भी वेतन संरचना में बड़े बदलाव की मांग तेज हो रही है।
इसी बीच, नेशनल काउंसिल-जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (एनसी-जेसीएम) ने सरकार को दिए गए ज्ञापन में फिटमेंट फैक्टर को 3.83 तक बढ़ाने की मांग की है। अगर यह प्रस्ताव मान लिया जाता है, तो न्यूनतम बेसिक सैलरी 18,000 रुपए से बढ़कर करीब 69,000 रुपए तक पहुंच सकती है।
फिटमेंट फैक्टर एक ऐसा गुणक होता है, जिसके जरिए महंगाई और जीवन-यापन की लागत को ध्यान में रखते हुए कर्मचारियों की सैलरी तय की जाती है।
एनसी-जेसीएम ने इसके अलावा हर साल 6 प्रतिशत वेतन वृद्धि, प्रमोशन पर दो इंक्रीमेंट और कम से कम 10,000 रुपए का लाभ देने जैसे सुझाव भी दिए हैं।
यदि ये बदलाव लागू होते हैं, तो देश के 50 लाख से अधिक केंद्रीय कर्मचारी और करीब 65 लाख पेंशनर्स सीधे तौर पर प्रभावित होंगे।
–आईएएनएस
डीबीपी
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