जम्मू-कश्मीर: सीबीआई ने रिश्वत लेने के आरोप में इंजीनियर को गिरफ्तार किया

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जम्मू, 17 जुलाई (आईएएनएस)। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने शुक्रवार को बताया कि उसने रिश्वतखोरी के एक मामले में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) में कार्यरत एक सहायक इंजीनियर को जाल बिछाकर गिरफ्तार किया है। सीबीआई के अनुसार, यह कार्रवाई एक शिकायत के बाद की गई, जिसमें आरोप लगाया गया था कि शोपियां निवासी लियाकत जावेद शेख नामक अधिकारी ने पीएमजीएसवाई सड़क निर्माण परियोजना के दौरान शिकायतकर्ता के घर को हुए नुकसान के मुआवजे की प्रक्रिया और उसे जारी करवाने में मदद करने के लिए एक निवासी से अवैध भुगतान की मांग की थी। शिकायत में कहा गया था कि…

जम्मू, 17 जुलाई (आईएएनएस)। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने शुक्रवार को बताया कि उसने रिश्वतखोरी के एक मामले में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) में कार्यरत एक सहायक इंजीनियर को जाल बिछाकर गिरफ्तार किया है।

सीबीआई के अनुसार, यह कार्रवाई एक शिकायत के बाद की गई, जिसमें आरोप लगाया गया था कि शोपियां निवासी लियाकत जावेद शेख नामक अधिकारी ने पीएमजीएसवाई सड़क निर्माण परियोजना के दौरान शिकायतकर्ता के घर को हुए नुकसान के मुआवजे की प्रक्रिया और उसे जारी करवाने में मदद करने के लिए एक निवासी से अवैध भुगतान की मांग की थी।

शिकायत में कहा गया था कि शुरुआती मांग 50,000 रुपए थी। सीबीआई द्वारा की गई जांच में पता चला कि कथित मांग को बातचीत के जरिए 30,000 रुपए पर तय किया गया था।

जांच के बाद, सीबीआई ने मामला दर्ज किया और जाल बिछाकर कार्रवाई की। ऑपरेशन के दौरान, अधिकारी को कथित तौर पर स्वतंत्र गवाहों की उपस्थिति में शिकायतकर्ता से 30,000 रुपए लेते हुए पाया गया और उसे मौके पर ही हिरासत में ले लिया गया।

जांच एजेंसी ने कहा कि चल रही जांच के तहत आरोपियों से जुड़े स्थानों पर तलाशी ली जा रही है।

सीबीआई ने दोहराया है कि मामले के सभी पहलुओं का पता लगाने के लिए जांच जारी है और जांच के निष्कर्षों के अनुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। आरोपों की जांच और न्यायिक प्रक्रिया जारी है।

केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को जम्मू और कश्मीर में अपराधों की जांच और अभियोजन करने का पूर्ण अधिकार प्राप्त है। क्षेत्र के पुनर्गठन के बाद, दिल्ली विशेष पुलिस स्थापना (डीएसपीई) अधिनियम के तहत मामलों को दर्ज करने और जांच करने के लिए एजेंसी को स्थानीय प्रशासन से पूर्व अनुमति की आवश्यकता नहीं है।

जम्मू और कश्मीर में सीबीआई की कार्रवाई करने की शक्ति ऐतिहासिक ‘सामान्य सहमति’ और 2019 के बाद के कानूनी ढांचे दोनों से प्राप्त होती है।

–आईएएनएस

एमएस/

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