सीबीएसई को पुनर्मूल्यांकन के लिए मिले 56 हजार से अधिक आवेदन

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नई दिल्ली, 4 जून (आईएएनएस)। साइबर हमलों के बीच उत्तर-पुस्तिका सत्यापन और पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया के लिए देशभर में छात्रों ने 56,000 से ज्यादा आवेदन जमा किए हैं। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने यह जानकारी दी। सीबीएसई ने एक बयान में कहा कि बुधवार रात 9.30 बजे तक सत्यापन और पुनर्मूल्यांकन के लिए 56,000 से अधिक आवेदन स्वीकार किए गए। बोर्ड ने बताया कि आवेदन प्रक्रिया के दौरान उसकी ऑनलाइन प्रणालियों पर हुए एक बड़े साइबर हमले को सफलतापूर्वक विफल कर दिया गया। बोर्ड ने कहा कि हमारी टेक्निकल टीमें परफॉर्मेंस पर लगातार नजर रख रही हैं और छात्रों को…

नई दिल्ली, 4 जून (आईएएनएस)। साइबर हमलों के बीच उत्तर-पुस्तिका सत्यापन और पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया के लिए देशभर में छात्रों ने 56,000 से ज्यादा आवेदन जमा किए हैं। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने यह जानकारी दी।

सीबीएसई ने एक बयान में कहा कि बुधवार रात 9.30 बजे तक सत्यापन और पुनर्मूल्यांकन के लिए 56,000 से अधिक आवेदन स्वीकार किए गए। बोर्ड ने बताया कि आवेदन प्रक्रिया के दौरान उसकी ऑनलाइन प्रणालियों पर हुए एक बड़े साइबर हमले को सफलतापूर्वक विफल कर दिया गया।

बोर्ड ने कहा कि हमारी टेक्निकल टीमें परफॉर्मेंस पर लगातार नजर रख रही हैं और छात्रों को अधिक सुगम, तेज और निर्बाध अनुभव देने के लिए सुधार लागू कर रही हैं।

अंकों के सत्यापन और उत्तर-पुस्तिकाओं के पुनर्मूल्यांकन के लिए ऑनलाइन सुविधा 2 जून को शुरू हुई थी, जो 6 जून की आधी रात तक उपलब्ध रहेगी। जो छात्र अपने नतीजों की समीक्षा करवाना चाहते हैं, उन्हें सिर्फ ऑनलाइन पोर्टल के जरिए ही आवेदन जमा करने होंगे, क्योंकि ऑफलाइन आवेदन स्वीकार नहीं किए जा रहे हैं।

आवेदकों को सत्यापन के लिए प्रति विषय 100 रुपए और री-इवैल्यूएशन के लिए प्रति प्रश्न 25 रुपए की फीस देनी होगी। सुरक्षा को मजबूत करने और आवेदनों की प्रामाणिकता सुनिश्चित करने के लिए सीबीएसई ने इस साल आधार-आधारित प्रमाणीकरण भी शुरू किया है।

यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया, जब हाल ही में शुरू की गई ऑन-स्क्रीन मार्किंग (ओएसएम) प्रणाली को लेकर बोर्ड लगातार आलोचनाओं और सवालों का सामना कर रहा है।

इस हफ्ते की शुरुआत में, डिजिटल मूल्यांकन प्रक्रिया से जुड़ी कथित अनियमितताओं को लेकर विवाद खड़ा होने के बाद सीबीएसई के चेयरमैन राहुल सिंह और सेक्रेटरी हिमांशु गुप्ता का तबादला कर दिया गया था।

सरकार ने मामले की जांच के लिए एक सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है, जिसकी अध्यक्षता एस. राधा चौहान कर रही हैं। इस पैनल को एक महीने के भीतर ‘कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग’ को अपनी रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है।

इस विवाद में उत्तर-पुस्तिकाओं की अदला-बदली, मूल्यांकन में गड़बड़ी और ग्रेड आवंटन में त्रुटियों जैसी कई शिकायतें शामिल रही हैं।

–आईएएनएस

डीसीएच/

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