चंद्रबाबू नायडू एक बार फिर सुगाली प्रीति मामले की अनदेखी कर रही: जगन मोहन रेड्डी

Summary :

अमरावती, 26 मई (आईएएनएस)। आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू पर 2017 में कुरनूल के एक निजी स्कूल में बलात्कार और हत्या की शिकार हुई 10वीं कक्षा की छात्रा सुगली प्रीति के मामले को एक बार फिर नजरअंदाज करने का आरोप लगाया है। वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष ने कहा कि सुगली प्रीति मामले में चंद्रबाबू नायडू सरकार की लापरवाही से उसके माता-पिता को अपार पीड़ा हो रही है। 2017 में कक्षा 10 की एक =छात्रा सुगली प्रीति की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी, लेकिन तत्कालीन चंद्रबाबू सरकार दोषियों की…

अमरावती, 26 मई (आईएएनएस)। आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू पर 2017 में कुरनूल के एक निजी स्कूल में बलात्कार और हत्या की शिकार हुई 10वीं कक्षा की छात्रा सुगली प्रीति के मामले को एक बार फिर नजरअंदाज करने का आरोप लगाया है।

वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष ने कहा कि सुगली प्रीति मामले में चंद्रबाबू नायडू सरकार की लापरवाही से उसके माता-पिता को अपार पीड़ा हो रही है।

2017 में कक्षा 10 की एक =छात्रा सुगली प्रीति की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी, लेकिन तत्कालीन चंद्रबाबू सरकार दोषियों की पहचान करने और उन्हें दंडित करने में पूरी तरह विफल रही।

जगन मोहन रेड्डी ने कहा, “हमारी सरकार के सत्ता में आने के बाद उनके माता-पिता के अनुरोध पर कार्रवाई करते हुए हमने एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया और जांच को आगे बढ़ाया। हमने परिवार को कुरनूल में पांच सेंट का मकान बनाने का भूखंड, पांच एकड़ कृषि भूमि और उनके नुकसान की भरपाई के लिए एक सरकारी नौकरी आवंटित करके उनका समर्थन किया। इसके अलावा परिवार के अनुरोध पर हमने मामले की सीबीआई जांच का भी आदेश दिया।”

उन्होंने कहा कि चंद्रबाबू नायडू के सत्ता में लौटने के बाद, इस मामले को एक बार फिर दरकिनार कर दिया गया और उपेक्षित कर दिया गया। अब, जब सीबीआई खुद दावा कर रही है कि उसके पास जांच को प्रभावी ढंग से जारी रखने के लिए पर्याप्त कर्मचारी और संसाधन नहीं हैं, तो राज्य सरकार की जिम्मेदारी है कि वह पूरा सहयोग दे और यह सुनिश्चित करे कि न्याय मिले। इसके बजाय, सरकार ने पूरी तरह से चुप्पी साध रखी है।

उन्होंने कहा कि सुगाली प्रीति के माता-पिता से यह जानकर उन्हें और भी अधिक पीड़ा हुई कि उनकी पेंशन केवल इसलिए रोक दी गई है क्योंकि वे सरकार के खिलाफ बोल रहे थे और उसकी निष्क्रियता पर सवाल उठा रहे थे।

उन्होंने पूछा, “उन्होंने मुझे हमारी सरकार के कार्यकाल में तैयार की गई एसआईटी रिपोर्टें, सीडीएफडी प्रयोगशाला रिपोर्टें और जांच के दौरान एकत्र किए गए डीएनए प्रोफाइलिंग के विवरण भी दिखाए। जब इतने पुख्ता सबूत और वैज्ञानिक रिपोर्टें पहले से ही उपलब्ध हैं, तो क्या राज्य सरकार का मूक दर्शक बने रहना और यह सुनिश्चित करना कि जांच अपने तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचे, अन्यायपूर्ण नहीं है?”

जगन ने कहा कि आज जब शोक संतप्त माता-पिता अपनी बेटी के लिए न्याय की गुहार लगाते हुए उनसे दोबारा मिले, तो उन्होंने उन्हें आश्वासन दिया कि वे उनके साथ खड़े रहेंगे। उन्होंने कहा कि वाईएसआरसीपी की ओर से, हम सुगली प्रीति को न्याय मिलने तक परिवार को पूर्ण कानूनी सहायता प्रदान करेंगे।

सुगली प्रीति के माता-पिता, पार्वती और राजू नाइक ने ताडेपल्ली स्थित वाईएसआरसीपी के केंद्रीय कार्यालय में जगन मोहन रेड्डी से मुलाकात की और अपनी बेटी के साथ हुए बलात्कार और हत्या के मामले में न्याय की अपील की।

उन्होंने गहरी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि नौ साल बीत जाने के बाद भी न्याय नहीं मिला है और चंद्रबाबू नायडू के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार इस मामले की पूरी तरह से उपेक्षा कर रही है।

–आईएएनएस

एसएके/वीसी

(This content is sourced from a syndicated feed and is published as received. Punjab Kesari assumes no responsibility or liability for its accuracy, completeness, or content.)

News Desk

News Desk is the editorial team of Punjab Kesari. This article is based on information provided by IANS.