मुंबई, 2 मई (आईएएनएस)। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शनिवार को प्रशासन को विभिन्न ढ़ांचागत परियोजनाओं के कारण विस्थापित हुए नागरिकों के लिए आरक्षित आवासों (‘आवास भंडार’) के कुशल उपयोग के लिए एक व्यापक नीति तैयार करने का निर्देश दिया।
यह निर्देश केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल द्वारा प्रतिनिधित्व किए जाने वाले मुंबई उत्तर लोकसभा क्षेत्र से संबंधित विभिन्न मुद्दों की समीक्षा के लिए आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक के दौरान जारी किया गया।
मुख्यमंत्री ने उल्लेख किया कि मुंबई महानगर क्षेत्र (एमएमआर) में कई ढ़ांचागत परियोजनाएं वर्तमान में चल रही हैं, जिनसे शहर की कनेक्टिविटी में उल्लेखनीय सुधार होने की उम्मीद है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे केंद्रीय एजेंसियों के स्वामित्व वाली उन जमीनों का संयुक्त सर्वेक्षण करें जहां विकास परियोजनाएं प्रस्तावित हैं। उन्होंने कहा कि अनुमोदन प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने के लिए, केंद्र सरकार से संबंधित सभी भूमि मामलों को शामिल करते हुए एक समेकित प्रस्ताव प्रस्तुत किया जाना चाहिए।
उन्होंने आगे कहा कि मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (एमएमआरडीए) के अधिकार क्षेत्र में विचाराधीन भूमि मामलों की निगरानी के लिए एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाएगा ताकि न्यायालय के निर्देशों के अनुसार समय पर उनका समाधान सुनिश्चित किया जा सके।
मुख्यमंत्री ने औद्योगिक विस्तार और जन स्वास्थ्य सुधारों पर भी चर्चा की। उन्होंने छत्रपति संभाजी नगर के शेंद्रा-बिडकिन औद्योगिक क्षेत्र में भूमि उपलब्धता के संबंध में राष्ट्रीय औद्योगिक गलियारा विकास निगम (एनआईसीडीसी) से संपर्क करने का निर्देश दिया। दिघी औद्योगिक क्षेत्र में अवसंरचना कार्यों में तेजी लाने को भी कहा।
उन्होंने बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) को शताब्दी और भगवती अस्पतालों को आधुनिक उपकरणों, बेहतर स्वच्छता और पर्याप्त कर्मचारियों से सुसज्जित करने का निर्देश दिया।
मुख्यमंत्री फडणवीस ने मुंबई के सभी निवासियों तक नागरिक सुविधाओं की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए गांव (पैतृक गांवों) के मानचित्रण को शीघ्र पूरा करने का आदेश दिया। दिल्ली के भारत मंडपम की तर्ज पर, गोराई क्षेत्र में एक विश्व स्तरीय सम्मेलन केंद्र प्रस्तावित किया गया है। इसकी व्यावसायिक व्यवहार्यता सुनिश्चित करने के लिए एक मास्टर प्लान तैयार किया जाएगा।
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने उत्तरी मुंबई के लिए कौशल विकास और सामाजिक कल्याण पहलों पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय कौशल विकास निगम के अंतर्गत विकसित शिमपोली कौशल विकास केंद्र को तत्काल चालू किया जाना चाहिए।
उन्होंने सुझाव दिया कि कांदिवली में खेल सुविधाओं का विकास सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल के माध्यम से किया जाए, जिसमें स्थानीय खेल प्राधिकरणों की सक्रिय भागीदारी हो।
मुख्यमंत्री ने पुलिस प्रशासन से 31 मार्च, 2029 तक भारत को नशामुक्त बनाने के राष्ट्रीय अभियान में सक्रिय योगदान देने का भी आग्रह किया।
इसके अतिरिक्त, उन्होंने मत्स्य संपदा योजना के तहत तटीय गांवों के विकास और संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान में स्थानीय निवासियों और पर्यटकों दोनों के लाभ के लिए मोबाइल शौचालयों की स्थापना का प्रस्ताव रखा।
–आईएएनएस
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