मध्य प्रदेश: मुख्यमंत्री मोहन यादव ने किसानों से पराली न जलाने की अपील की

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ग्वालियर, 24 मार्च (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश में गेहूं, चना, सरसों और मसूर जैसी रबी फसलों की कटाई शुरू हो चुकी है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने किसानों से अपील की है कि वे कटाई के बाद फसल अवशेष न जलाएं, क्योंकि इससे मिट्टी की उर्वरता कम हो जाती है। यादव ने बताया कि राज्य सरकार ने लाभार्थियों को पराली उत्पादन के लिए हैप्पी सीडर मशीनें उपलब्ध कराना शुरू कर दिया है। उन्होंने आगे कहा कि किसान इस चारे को पास की गौशालाओं को बेच सकते हैं, जिससे उन्हें गेहूं उत्पादन के साथ-साथ अतिरिक्त आय भी प्राप्त होगी। हैप्पी सीडर एक ट्रैक्टर…

ग्वालियर, 24 मार्च (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश में गेहूं, चना, सरसों और मसूर जैसी रबी फसलों की कटाई शुरू हो चुकी है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने किसानों से अपील की है कि वे कटाई के बाद फसल अवशेष न जलाएं, क्योंकि इससे मिट्टी की उर्वरता कम हो जाती है।

यादव ने बताया कि राज्य सरकार ने लाभार्थियों को पराली उत्पादन के लिए हैप्पी सीडर मशीनें उपलब्ध कराना शुरू कर दिया है। उन्होंने आगे कहा कि किसान इस चारे को पास की गौशालाओं को बेच सकते हैं, जिससे उन्हें गेहूं उत्पादन के साथ-साथ अतिरिक्त आय भी प्राप्त होगी।

हैप्पी सीडर एक ट्रैक्टर पर चलने वाली, बिना जुताई वाली कृषि मशीन है जो बीजों को बिना जलाए सीधे पिछली फसल के अवशेषों में बो देती है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार ने विधानसभा क्षेत्र स्तर पर कस्टम हायरिंग सेंटर स्थापित करने की योजना बनाई है ताकि किसान समय पर अपनी फसल की कटाई के लिए मशीनरी प्राप्त कर सकें।

उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि मानसून के बाद किसानों को सिंचाई के लिए 24 घंटे बिजली उपलब्ध कराई जाएगी।

उन्होंने कहा कि तेज गर्मी के बावजूद किसान सभी के लिए भोजन उगाने के लिए अथक परिश्रम कर रहे हैं। राज्य सरकार किसानों की समृद्धि सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

यादव ने मंगलवार को ग्वालियर मंडल के दतिया जिले में आयोजित किसान सम्मेलन को संबोधित करते हुए ये बातें कहीं।

कार्यक्रम के दौरान किसानों की एक विशाल सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने किसानों से आधुनिक कृषि उपकरणों को अपनाने, पशुपालन और मत्स्य पालन में विस्तार करने और कृषि आधारित उद्योगों और खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना करने की अपील दोहराई, ताकि वे अपनी आय दोगुनी कर सकें।

उन्होंने बताया कि इन प्रयासों को समर्थन देने के लिए कई योजनाएं शुरू की गई हैं और किसान अब फसल अवशेष प्रबंधन के तहत मशीनों के माध्यम से चारा भी तैयार कर रहे हैं, जिससे वे गेहूं और भूसे दोनों से आय अर्जित कर पा रहे हैं।

इसी दौरान, यादव ने दतिया के भांडर क्षेत्र में एक किसान के खेत का दौरा किया और वहां चल रही भूसे की कटाई मशीन पर सवारी की। उन्होंने किसान से बातचीत की और मशीन और उसके लाभों के बारे में जानकारी प्राप्त की।

इस अवसर पर, यादव ने दतिया जिले के लिए 62.23 करोड़ रुपए की नई विकास परियोजनाओं की आधारशिला भी रखी।

–आईएएनएस

एमएस/

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