तमिलनाडु चुनाव: डीएमके ने मौजूदा विधायक एसआर राजा का टिकट काटा, कार्यकर्ताओं में नाराजगी

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चेन्नई, 29 मार्च (आईएएनएस)। द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) को तांबरम विधानसभा क्षेत्र में आंतरिक असंतोष की लहर का सामना करना पड़ रहा है। मौजूदा विधायक एसआर राजा को दोबारा टिकट नहीं देने के पार्टी के फैसले के बाद कार्यकर्ताओं के तीखे विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं, जिससे चुनाव से पहले स्थानीय इकाई के भीतर मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं। पार्टी ने इसके बजाय अपेक्षाकृत नए राजनीतिक चेहरे डॉ. कृतिका देवी को तांबरम से अपना उम्मीदवार बनाया है। इस फैसले ने पार्टी के भीतर कई लोगों को चौंका दिया है, खासकर एसआर राजा के समर्थकों को, जिन्हें उनके लंबे…

चेन्नई, 29 मार्च (आईएएनएस)। द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) को तांबरम विधानसभा क्षेत्र में आंतरिक असंतोष की लहर का सामना करना पड़ रहा है। मौजूदा विधायक एसआर राजा को दोबारा टिकट नहीं देने के पार्टी के फैसले के बाद कार्यकर्ताओं के तीखे विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं, जिससे चुनाव से पहले स्थानीय इकाई के भीतर मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं।

पार्टी ने इसके बजाय अपेक्षाकृत नए राजनीतिक चेहरे डॉ. कृतिका देवी को तांबरम से अपना उम्मीदवार बनाया है। इस फैसले ने पार्टी के भीतर कई लोगों को चौंका दिया है, खासकर एसआर राजा के समर्थकों को, जिन्हें उनके लंबे अनुभव व क्षेत्र में मजबूत पकड़ के चलते फिर से मौका मिलने की उम्मीद थी।

जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं में असंतोष लगातार बढ़ रहा है, जो नेतृत्व के इस फैसले को अचानक और बिना स्पष्ट कारण के लिया गया बदलाव मान रहे हैं।

कई पार्टी पदाधिकारियों का कहना है कि इस समय एक अनुभवी नेता को हटाने से संगठनात्मक ढांचा प्रभावित हो सकता है और चुनाव अभियान की गति पर असर पड़ सकता है।

शनिवार देर रात यह तनाव सड़कों पर भी दिखा, जब राजा के सैकड़ों समर्थक इरुंबुलियूर में इकट्ठा हुए और डीएमके के वरिष्ठ नेता व कोषाध्यक्ष टी.आर. बालू के घर तक मार्च करते हुए कई घंटों तक जोरदार प्रदर्शन किया।

प्रदर्शनकारियों ने नारे लगाते हुए डॉ. कृतिका देवी को बदलने की मांग की और कहा कि नई उम्मीदवार क्षेत्र से परिचित नहीं हैं।

नाराज समर्थकों ने सवाल उठाते हुए कहा , “उन्हें जमीनी हकीकत, वार्डों की संख्या या वार्ड सचिवों तक की जानकारी नहीं है। वह चुनाव कैसे लड़ेंगी।”

उन्होंने पार्टी नेतृत्व से फैसले पर पुनर्विचार करने और एस.आर. राजा को फिर से उम्मीदवार बनाने की अपील की। कुछ समर्थकों ने भावुक होकर कहा, “हम आपसे प्रार्थना करते हैं, कृपया एस.आर. राजा को फिर से मौका दें।”

स्थिति तब और गंभीर हो गई जब एसआर राजा खुद टी.आर. बालू के घर पहुंचे और उनके साथ बंद कमरे में बातचीत की।

बैठक के बाद टी.आर. बालू ने प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए कहा, “मैं राजा को बचपन से जानता हूं। मैंने उनकी ओर से कोशिश भी की लेकिन पार्टी अध्यक्ष एम.के. स्टालिन ने निर्णय लिया है और इसके पीछे उचित कारण होंगे। संभव है कि राजा को कोई और जिम्मेदारी दी जाए।”

नेतृत्व के हस्तक्षेप के बाद भी राजा के समर्थकों में असंतोष बना हुआ है और क्षेत्र के कुछ हिस्सों में छिटपुट विरोध प्रदर्शन जारी हैं।

यह घटनाक्रम तांबरम में डीएमके के चुनाव अभियान के लिए एक अहम समय पर अनिश्चितता की स्थिति पैदा कर रहा है।

विधानसभा चुनाव नजदीक आने के साथ इस स्थिति पर करीबी नजर रखी जा रही है क्योंकि लंबे समय तक जारी आंतरिक असंतोष पार्टी की संभावनाओं के लिए चुनौती बन सकता है।

–आईएएनएस

एएएल/डीपीबी/पीएम

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