चेन्नई, 19 मार्च (आईएएनएस)। भारतीय निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने तमिलनाडु विधानसभा चुनाव से पहले मतदाताओं की सुविधा बढ़ाने और मतदान प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए कई अहम कदम उठाए हैं।
इन पहलों का उद्देश्य मतदान केंद्रों पर बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना, तकनीक का अधिक उपयोग करना और मतदाता भागीदारी को बढ़ाना है।
चूंकि राज्य में बड़ी संख्या में मतदान केंद्र स्कूलों और कॉलेजों में बनाए जाते हैं, इसलिए वहां बुनियादी ढांचे को बेहतर किया जा रहा है। वरिष्ठ नागरिकों, गर्भवती महिलाओं और दिव्यांगजनों के लिए विशेष रूप से बैठने की व्यवस्था, छाया और अन्य जरूरी सुविधाओं पर जोर दिया गया है।
पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए, कुछ क्षेत्रों में “ग्रीन पोलिंग स्टेशन” की शुरुआत की जा रही है। इन केंद्रों पर सिंगल-यूज़ प्लास्टिक का कम इस्तेमाल और बेहतर कचरा प्रबंधन जैसी व्यवस्था लागू की जाएगी।
मतदान प्रक्रिया को सरल और तेज बनाने के लिए मतदाता सूचना पर्चियों को अधिक स्पष्ट किया जा रहा है, जिनमें सीरियल और पार्ट नंबर जैसे विवरण प्रमुखता से दिए जाएंगे। इसके अलावा, सभी मतदान केंद्रों पर मोबाइल फोन जमा करने की सुविधा भी उपलब्ध होगी और 100 प्रतिशत वेबकास्टिंग के जरिए कड़ी निगरानी रखी जाएगी, ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को रोका जा सके।
युवाओं को मतदान के लिए प्रेरित करने के लिए विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं। इसमें ऑडियो-वीडियो जिंगल्स और प्रसिद्ध हस्तियों की भागीदारी शामिल है, जिससे पहली बार वोट देने वाले मतदाताओं को जागरूक किया जा सके।
शहरी क्षेत्रों में सुविधा बढ़ाने के लिए बहुमंजिला आवासीय परिसरों में मतदान केंद्र स्थापित करने की पहल भी की जा रही है। अब तक चेन्नई समेत 14 स्थानों की पहचान की गई है, हालांकि अधिकारियों के अनुसार इस पहल को विस्तार देने के लिए लोगों का सहयोग अभी सीमित है।
मतदाता उपस्थिति (टर्नआउट) के आंकड़ों में देरी और विसंगतियों को दूर करने के लिए ईसीआईनेट ऐप के जरिए रियल-टाइम अपडेट उपलब्ध कराए जाएंगे। रिटर्निंग ऑफिसर हर दो घंटे में मतदान प्रतिशत अपलोड करेंगे, जिससे सभी पक्षों को समय पर जानकारी मिल सकेगी।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी अर्चना पटनायक ने मतदाताओं से अपील की है कि वे समय रहते मतदाता सूची में अपना नाम जांच लें और डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग करें। साथ ही, उन्होंने नागरिकों से आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन की शिकायत के लिए सी-विजिल ऐप का सक्रिय रूप से उपयोग करने को भी कहा।
इस बीच, चुनाव से पहले निगरानी को सख्त करते हुए अधिकारियों ने बताया कि अब तक राज्यभर में 42.65 करोड़ रुपये की नकदी और अन्य सामग्री जब्त की जा चुकी है, जो चुनावी तैयारियों के बीच सख्त जांच को दर्शाता है।
–आईएएनएस
डीएससी
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