नीलगिरी, 24 अगस्त (आईएएनएस)। राजनीतिक दलों, व्यापारियों और ट्रांसपोर्ट ऑपरेटरों ने तमिलनाडु के गुडलूर विधानसभा क्षेत्र में 27 और 28 अगस्त को दो दिन की आम हड़ताल का आह्वान किया है। वे वन विभाग से जंगली जानवरों के हमलों को रोकने के लिए कदम उठाने की मांग कर रहे हैं।
ओ-वैली टाउन पंचायत के लॉरिस्टन में संदिग्ध बाघ के हमलों में दो लोगों की मौत के बाद यह कदम उठाया गया है, जिससे स्थानीय लोग डरे हुए हैं।
रविवार को गुडालुर में डीएमके विधायक के ऑफिस में हुई बैठक में भाजपा, कांग्रेस, वीसीके, सीपीआई, सीपीआई (एम), एनटीके, डीएमके और एसडीपीआई के प्रतिनिधियों ने शटडाउन (बंद) आयोजित करने का फैसला किया। उन्होंने व्यापारियों, ऑटो-रिक्शा और टैक्सी ऑपरेटरों और बागान श्रमिकों से समर्थन मांगा। बैठक में एक प्रस्ताव भी पारित किया गया, जिसमें बाघ के हमलों के दूसरे शिकार के. रवि कुमार की मौत के बाद 21 अगस्त को हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान गिरफ्तार किए गए वीसीके और डीवाईएफआई पदाधिकारियों की रिहाई की मांग की गई।
व्यापारियों ने घोषणा की है कि हड़ताल के दौरान किराने की दुकानें बंद रहेंगी, जबकि ऑटो-रिक्शा और टैक्सियों के सड़कों पर न चलने की उम्मीद है। नीलगिरी के प्रमुख पर्यटन केंद्र मासिनागुडी में रिसॉर्ट और कॉटेज के भी कामकाज बंद रहने की संभावना है।
गुडालुर व्याबारीकल संगम ने कहा कि एस्टेट के कर्मचारी भी इस विरोध प्रदर्शन में शामिल होंगे और उन्होंने तय किया है कि वे दोनों दिन अपने बच्चों को स्कूल नहीं भेजेंगे। संगठन ने कहा कि इस शटडाउन का मकसद लोगों की एकता दिखाना और अधिकारियों पर दबाव बनाना है ताकि और मौतें न हों, क्योंकि स्थानीय लोग डर के साये में जी रहे हैं।
डीएमके के गुडालुर टाउन सेक्रेटरी एस. इलांचेझियन ने आरोप लगाया कि 9 अगस्त को हुए पहले जानलेवा हमले के तुरंत बाद वन विभाग बाघ को पकड़ने के लिए जाल बिछाने में नाकाम रहा। उन्होंने कहा कि समय पर कार्रवाई से रविकुमार की जान बचाई जा सकती थी। उन्होंने मांग की कि उस जानवर को खत्म कर दिया जाए क्योंकि ये हमले रिहायशी इलाकों के पास हुए थे।
21 अगस्त को हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर बोतलें फेंके जाने से दो पुलिसकर्मी घायल हो गए थे, जिसके बाद सात लोगों को गिरफ्तार किया गया। राजनीतिक प्रतिनिधियों का आरोप है कि पुलिस ने सीधे तौर पर शामिल लोगों की पहचान करने के बजाय जन-प्रतिनिधियों को हिरासत में ले लिया।
रेवेन्यू अधिकारियों ने अभी तक संबंधित पक्षों और व्यापारियों के संगठनों के साथ बातचीत नहीं की है। गुडालुर के रेवेन्यू डिविजनल ऑफिसर एस.के. गुनासेकरन ने कहा कि नीलगिरि की कलेक्टर लक्ष्मी भव्य तनेरू से मंजूरी मिलने के बाद बातचीत शुरू की जाएगी।
इस बीच, रविवार को वन विभाग ने पिंजरों की संख्या छह से बढ़ाकर आठ और कैमरा ट्रैप की संख्या 60 कर दी। जिला वन अधिकारी पी. देवराज ने बताया कि टीमों को बाघ के पैरों के निशान और मल मिले हैं, जिनसे बाघ की मौजूदगी का पता चलता है, हालांकि अभी तक बाघ को सीधे तौर पर देखा नहीं गया है।
–आईएएनएस
ओपी/एएस
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