पश्चिमी तमिलनाडु में भारी बारिश का अलर्ट, 2 मई तक तेज हवाएं चलने की संभावना

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चेन्नई, 27 अप्रैल (आईएएनएस)। क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र ने शुक्रवार से नीलगिरि, कोयंबटूर और इरोड सहित पश्चिमी तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में भारी बारिश का पूर्वानुमान लगाया है और इस बारिश के कम से कम तीन दिनों तक जारी रहने की संभावना है। मौसम बुलेटिन के अनुसार, तमिलनाडु और आसपास के क्षेत्रों में व्याप्त निम्न दबाव प्रणाली के कारण 30 अप्रैल से 2 मई के बीच राज्य भर में व्यापक वर्षा होने की संभावना है। मौसम वैज्ञानिकों ने बताया कि इस प्रणाली से लगभग एक सप्ताह तक बारिश जारी रहने की संभावना है, जिससे कई जिलों को बेहद जरूरी वर्षा…

चेन्नई, 27 अप्रैल (आईएएनएस)। क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र ने शुक्रवार से नीलगिरि, कोयंबटूर और इरोड सहित पश्चिमी तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में भारी बारिश का पूर्वानुमान लगाया है और इस बारिश के कम से कम तीन दिनों तक जारी रहने की संभावना है।

मौसम बुलेटिन के अनुसार, तमिलनाडु और आसपास के क्षेत्रों में व्याप्त निम्न दबाव प्रणाली के कारण 30 अप्रैल से 2 मई के बीच राज्य भर में व्यापक वर्षा होने की संभावना है।

मौसम वैज्ञानिकों ने बताया कि इस प्रणाली से लगभग एक सप्ताह तक बारिश जारी रहने की संभावना है, जिससे कई जिलों को बेहद जरूरी वर्षा मिलेगी। पूर्वानुमान के अनुसार, पश्चिमी घाट के जिलों के साथ-साथ दक्षिणी तमिलनाडु के तटीय क्षेत्रों में आज से शुरू होने वाले अगले तीन दिनों में मध्यम बारिश होगी।

इसका प्रभाव पहाड़ी और आसपास के क्षेत्रों में विशेष रूप से अधिक रहने की संभावना है, जहां भौगोलिक कारकों के कारण वर्षा की तीव्रता बढ़ सकती है। इसके अलावा, इसी अवधि के दौरान डेल्टा जिलों और तटीय क्षेत्रों में मध्यम वर्षा होने की संभावना है।

अधिकारियों ने निचले और बाढ़ संभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है, क्योंकि रुक-रुक कर होने वाली बारिश से कुछ इलाकों में जलभराव हो सकता है।

मौसम विभाग ने 1 और 2 मई के लिए विशेष चेतावनी जारी की है, जिसमें सलेम, कृष्णागिरी और धर्मपुरी जैसे जिलों में भारी बारिश की आशंका जताई गई है। इन क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश हो सकती है, जिससे स्थानीय स्तर पर व्यवधान उत्पन्न होने की आशंका है।

बारिश के साथ-साथ तेज सतही हवाएं चलने की भी संभावना है, जिनकी गति बारिश के दौरान कई क्षेत्रों में 40 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

अधिकारियों ने मछुआरों और बाहरी गतिविधियों में लगे लोगों को मौसम संबंधी चेतावनियों से अवगत रहने की सलाह दी है, क्योंकि मौसम की स्थिति में अचानक बदलाव से जोखिम पैदा हो सकता है।

हालांकि बारिश से भीषण गर्मी से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है, लेकिन अधिकारियों ने जिला प्रशासनों से पेड़ गिरने, बिजली कटौती या मामूली बाढ़ जैसी किसी भी आकस्मिक स्थिति के लिए तैयार रहने का आग्रह किया है।

मौसम विभाग इस प्रणाली पर लगातार नजर रख रहा है और स्थिति में बदलाव होने पर आगे की जानकारी जारी करने की उम्मीद है।

–आईएएनएस

एसएके/एएस

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