पश्चिम बंगाल सीईओ दफ्तर के सामने गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं की जाएगी : चुनाव आयोग

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कोलकाता, 1 अप्रैल (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल में चुनावी माहौल के बीच चुनाव आयोग ने कड़ा रुख अपनाते हुए साफ कहा है कि मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) के दफ्तर के बाहर किसी भी तरह की गुंडागर्दी बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आयोग ने इस मामले में सीधे तौर पर टीएमसी को जिम्मेदार ठहराया है। आयोग की यह सख्त प्रतिक्रिया मंगलवार रात से शुरू हुई घटनाओं के बाद आई है, जो बुधवार सुबह तक जारी रहीं। पहली घटना में टीएमसी और भाजपा के कार्यकर्ताओं के बीच कोलकाता स्थित सीईओ दफ्तर के बाहर झड़प हुई। दूसरी घटना में तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने…

कोलकाता, 1 अप्रैल (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल में चुनावी माहौल के बीच चुनाव आयोग ने कड़ा रुख अपनाते हुए साफ कहा है कि मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) के दफ्तर के बाहर किसी भी तरह की गुंडागर्दी बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आयोग ने इस मामले में सीधे तौर पर टीएमसी को जिम्मेदार ठहराया है।

आयोग की यह सख्त प्रतिक्रिया मंगलवार रात से शुरू हुई घटनाओं के बाद आई है, जो बुधवार सुबह तक जारी रहीं। पहली घटना में टीएमसी और भाजपा के कार्यकर्ताओं के बीच कोलकाता स्थित सीईओ दफ्तर के बाहर झड़प हुई।

दूसरी घटना में तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने पूरी रात धरना-प्रदर्शन किया और आरोप लगाया कि चुनाव आयोग व सीईओ कार्यालय भाजपा के साथ मिलकर काम कर रहे हैं और अन्य राज्यों के लोगों को पश्चिम बंगाल की मतदाता सूची में शामिल किया जा रहा है।

बुधवार सुबह सीईओ कार्यालय की ओर से एक बयान जारी किया गया। इस बयान में न सिर्फ तृणमूल कांग्रेस को इस अव्यवस्था के लिए जिम्मेदार ठहराया गया, बल्कि यह भी स्पष्ट किया गया कि इन घटनाओं से आयोग के निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनाव कराने के संकल्प पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

बयान में कहा गया, “बेलेघाटा के एक पार्षद कुछ असामाजिक तत्वों के साथ मंगलवार रात को सीईओ कार्यालय का घेराव कर नारेबाजी कर रहे थे। इस तरह की गतिविधियों को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और कानून अपना काम करेगा। आयोग आगामी दो चरणों में होने वाले विधानसभा चुनाव को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण तरीके से कराने के लिए हर संभव कदम उठाएगा।”

सीईओ कार्यालय के एक अधिकारी ने बताया कि यहां पहले से ही धारा-144 लागू है, जिसके तहत बड़ी संख्या में लोगों के इकट्ठा होने पर रोक है। इसके बावजूद सत्तारूढ़ दल के कार्यकर्ताओं ने पूरी रात प्रदर्शन किया।

मंगलवार रात को पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल ने अजय नंद के साथ लंबी बैठक की, जिसमें सीईओ कार्यालय की सुरक्षा को लेकर चर्चा हुई। बाद में उन्होंने मीडिया से भी कहा कि दफ्तर के बाहर इस तरह का व्यवहार स्वीकार नहीं किया जाएगा।

इससे पहले मंगलवार शाम को मनोज कुमार अग्रवाल ने ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस के उन आरोपों को खारिज कर दिया था, जिनमें कहा गया था कि अन्य राज्यों के मतदाताओं को फॉर्म-6 के जरिए राज्य की वोटर लिस्ट में जोड़ा जा रहा है।

दरअसल, यह विवाद उस समय और बढ़ गया जब मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पत्र लिखकर आरोप लगाया कि भाजपा के एजेंट हजारों फर्जी फॉर्म-6 जमा कर बंगाल की मतदाता सूची में बाहरी लोगों को शामिल करने की कोशिश कर रहे हैं।

–आईएएनएस

वीकेयू/पीएम

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