कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए सांसद प्रद्युत बोरदोलोई, सीएम सरमा ने किया स्वागत

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नई दिल्ली, 18 मार्च (आईएएनएस)। अगले महीने होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले असम में कांग्रेस को बड़ा झटका देते हुए नगांव से पार्टी सांसद प्रद्युत बोरदोलोई बुधवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हो गए। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बोरदोलोई का भाजपा में स्वागत किया। असम के सांसद प्रद्युत बोरदोलोई ने बुधवार को दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ली। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की मौजूदगी में असम भाजपा के अध्यक्ष दिलीप सैकिया ने उन्हें सदस्यता ग्रहण कराई। मुख्यमंत्री सरमा ने कहा कि उनके भाजपा में शामिल होने से पार्टी और मजबूत होगी। मुख्यमंत्री…

नई दिल्ली, 18 मार्च (आईएएनएस)। अगले महीने होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले असम में कांग्रेस को बड़ा झटका देते हुए नगांव से पार्टी सांसद प्रद्युत बोरदोलोई बुधवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हो गए। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बोरदोलोई का भाजपा में स्वागत किया।

असम के सांसद प्रद्युत बोरदोलोई ने बुधवार को दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ली। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की मौजूदगी में असम भाजपा के अध्यक्ष दिलीप सैकिया ने उन्हें सदस्यता ग्रहण कराई। मुख्यमंत्री सरमा ने कहा कि उनके भाजपा में शामिल होने से पार्टी और मजबूत होगी।

मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “आज, नगांव से मौजूदा सांसद प्रद्युत बोरदोलोई भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए हैं। हमारे प्रदेश अध्यक्ष दिलीप सैकिया ने हमारी पार्टी में उनका स्वागत किया है। प्रद्युत बोरदोलोई नगांव लोकसभा से दो बार सांसद रह चुके हैं। वह तरुण गोगोई के नेतृत्व वाली कांग्रेस कैबिनेट में पूर्व मंत्री थे। इसके अलावा, वह एक पुराने कांग्रेसी हैं। कांग्रेस के साथ उनका जुड़ाव 1975 से है। इसलिए, भाजपा में उनके शामिल होने से हमारी पार्टी निश्चित रूप से और मजबूत होगी।”

वहीं, प्रद्युत बोरदोलोई ने कहा कि उनके पास कांग्रेस से इस्तीफा देने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा था। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी की असम इकाई के भीतर उन्हें बार-बार अपमानित किया गया और वहां काम करने के लिए अनुकूल माहौल नहीं था।

बोरदोलोई ने कहा, “यह फैसला दर्दनाक था, लेकिन इसे टालना मुमकिन नहीं था। यह कदम उठाते हुए मुझे दुख हो रहा है, लेकिन मेरे पास कोई और विकल्प नहीं बचा था। मैं मानसिक रूप से आहत था और अंदर से पूरी तरह थक चुका था।” सांसद ने दावा किया कि कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं ने कई मौकों पर उनका अपमान किया, जिससे उन्हें पार्टी में अकेलापन महसूस होने लगा था।

इसके साथ ही, बोरदोलोई ने अपने राजनीतिक करियर को संवारने में कांग्रेस की भूमिका को भी स्वीकार किया। उन्होंने कहा, “कांग्रेस पार्टी ने मुझे बहुत कुछ दिया है। आज मैं जो कुछ भी हूं, वह कांग्रेस की ही बदौलत हूं।” उन्होंने आगे कहा कि उनका यह फैसला पार्टी की विरासत के प्रति अनादर के कारण नहीं, बल्कि मौजूदा परिस्थितियों के कारण लिया गया है।

–आईएएनएस

डीसीएच/

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