भारत में जनवरी-मार्च तिमाही में शहरी बेरोजगारी घटी, ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ा रोजगार: सरकार

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नई दिल्ली, 11 मई (आईएएनएस)। सांख्यिकी मंत्रालय की ओर से सोमवार को जारी एक बयान के अनुसार, इस वर्ष के जनवरी-मार्च तिमाही के दौरान शहरी बेरोजगारी में कमी दर्ज की गई है। वहीं, ग्रामीण क्षेत्रों में सेकेंडरी (द्वितीयक) और टर्शियरी (सेवा) सेक्टर में रोजगार बढ़ा है। जनवरी-मार्च 2026 की तिमाही के दौरान 15 वर्ष और उससे अधिक उम्र के लोगों के लिए शहरी क्षेत्रों में समग्र बेरोजगारी दर (यूआर) में गिरावट दर्ज की गई, जो पिछली तिमाही के 6.7 प्रतिशत से घटकर 6.6 प्रतिशत रही। ग्रामीण क्षेत्रों में नियमित वेतन और सैलरी पाने वाले कर्मचारियों की हिस्सेदारी बढ़कर 15.5 प्रतिशत…

नई दिल्ली, 11 मई (आईएएनएस)। सांख्यिकी मंत्रालय की ओर से सोमवार को जारी एक बयान के अनुसार, इस वर्ष के जनवरी-मार्च तिमाही के दौरान शहरी बेरोजगारी में कमी दर्ज की गई है। वहीं, ग्रामीण क्षेत्रों में सेकेंडरी (द्वितीयक) और टर्शियरी (सेवा) सेक्टर में रोजगार बढ़ा है।

जनवरी-मार्च 2026 की तिमाही के दौरान 15 वर्ष और उससे अधिक उम्र के लोगों के लिए शहरी क्षेत्रों में समग्र बेरोजगारी दर (यूआर) में गिरावट दर्ज की गई, जो पिछली तिमाही के 6.7 प्रतिशत से घटकर 6.6 प्रतिशत रही।

ग्रामीण क्षेत्रों में नियमित वेतन और सैलरी पाने वाले कर्मचारियों की हिस्सेदारी बढ़कर 15.5 प्रतिशत हो गई, जो पिछली तिमाही में 14.8 प्रतिशत थी।

मंत्रालय के अनुसार, ग्रामीण इलाकों में नियमित वेतनभोगी कर्मचारियों की हिस्सेदारी में हल्की बढ़ोतरी हुई है। साथ ही सेकेंडरी और टर्शियरी सेक्टर में भी रोजगार बढ़ा है।

बयान में कहा गया कि रोजगार का ढांचा पहले जैसा ही बना हुआ है। ग्रामीण क्षेत्रों में ज्यादातर लोग अब भी कृषि और उससे जुड़े प्राथमिक सेक्टर में काम कर रहे हैं, जबकि शहरी क्षेत्रों में अधिकतर रोजगार सेवा क्षेत्र में केंद्रित हैं।

ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि क्षेत्र में काम करने वाले लोगों की हिस्सेदारी जनवरी-मार्च 2026 में 55.8 प्रतिशत रही, जो पिछली तिमाही में 58.5 प्रतिशत थी।

वहीं, ग्रामीण सेवा क्षेत्र में रोजगार हिस्सेदारी अक्टूबर-दिसंबर 2025 के 20.6 प्रतिशत से बढ़कर जनवरी-मार्च 2026 में 21.7 प्रतिशत हो गई।

इसके अलावा, ग्रामीण क्षेत्रों में सेकेंडरी सेक्टर, माइनिंग और क्वॉरिंग (खनन) में भी रोजगार हिस्सेदारी बढ़ी है, जो पिछली तिमाही के 20.9 प्रतिशत से बढ़कर 22.6 प्रतिशत हो गई।

हालांकि, शहरी क्षेत्रों में अलग-अलग सेक्टरों में रोजगार का वितरण लगभग स्थिर बना रहा।

जनवरी-मार्च तिमाही के दौरान देश में औसतन 57.4 करोड़ लोग रोजगार में थे। इनमें 40.2 करोड़ पुरुष और 17.2 करोड़ महिलाएं शामिल थीं। सांख्यिकी मंत्रालय के अनुसार, पूरे भारत स्तर पर यह आंकड़े 5,61,822 लोगों के सर्वे के आधार पर तैयार किए गए हैं।

–आईएएनएस

डीबीपी

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