अमरावती, 7 अगस्त (आईएएनएस)। वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने शुक्रवार को आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू की कड़ी आलोचना की। यह आलोचना डीएससी 2025 पेपर लीक और शिक्षकों की भर्ती में गड़बड़ियों की सीबीआई जांच की मांग को लेकर ‘रिले भूख हड़ताल’ कर रहे वाईएसआरसीपी कार्यकर्ताओं पर हुए कथित हमले को लेकर की गई।
जगन मोहन रेड्डी ने चंद्रबाबू नायडू से कहा कि वे पुलिस का इस्तेमाल करके प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार तो कर सकते हैं, लेकिन बेरोजगार युवाओं के गुस्से को दबा नहीं सकते और न ही आंध्र प्रदेश की ‘जेनजी’ की आवाज को खामोश कर सकते हैं।
जगन मोहन रेड्डी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में पूछा, “मिस्टर चंद्रबाबू नायडू, अपने बेटे को बचाने के लिए आपकी सरकार किस हद तक गिर सकती है? क्या बेरोजगार युवाओं और उनसे किए गए अधूरे वादों का जवाब हिंसा है?”
वाईएसआरसीपी राज्य भर में शिक्षा मंत्री नारा लोकेश (जो मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू के बेटे हैं) के इस्तीफे की मांग को लेकर ‘रिले भूख हड़ताल’ आयोजित कर रही है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि विजयवाड़ा में डीएससी 2025 पेपर लीक और भर्ती में गंभीर गड़बड़ियों की सीबीआई जांच की मांग को लेकर चल रही शांतिपूर्ण ‘रिले भूख हड़ताल’ पर टीडीपी विधायक और उनके समर्थकों ने हमला किया और तोड़-फोड़ की।
वाईएसआरसपी प्रेसिडेंट ने कहा कि पुलिस के सामने ही टेंट उखाड़ दिए गए, पत्थर, अंडे और टमाटर फेंके गए, महिलाओं पर हमले किए गए और हमारे पूर्व एमएलए मल्लादी विष्णु और युवाओं को निशाना बनाया गया।
उन्होंने आरोप लगाया कि पूरे राज्य में – चिलाकलुरिपेट, कनिगिरी, याडिकी और ताडीपत्री से लेकर पलामानेर, रेपल्ले, गुंटूर, पोन्नूर, वेमुरु, माचेरला, गुराजाला, कंदुकुर और बापटला तक – इसी तरह का दमन किया गया।
वाईएस जगन ने कहा कि विरोध प्रदर्शन वाले कैंपों पर हमले किए गए, नेताओं को हिरासत में लिया गया और बेरोजगार युवाओं को आपकी सरकार से शांतिपूर्ण तरीके से सवाल पूछने का अधिकार भी नहीं दिया गया।
वाईएस जगन ने चंद्रबाबू नायडू से पूछा कि उनकी सरकार स्वतंत्र जांच से क्यों डर रही है। उन्होंने पूछा कि नारा लोकेश को जवाबदेही से बचाने के लिए आपके एमएलए, पार्टी कार्यकर्ताओं और पुलिस मशीनरी का इस्तेमाल क्यों किया जा रहा है?
–आईएएनएस
एमएस/
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