बेलगावी, 9 जुलाई (आईएएनएस)। कर्नाटक कांग्रेस की वरिष्ठ नेता लक्ष्मी हेब्बालकर ने गुरुवार को भरोसा जताया कि बेलगावी जिले को राज्य कैबिनेट में दो और सीटें मिलेंगी। उन्होंने इसके लिए जिले के आकार और कांग्रेस पार्टी के शानदार चुनावी प्रदर्शन का हवाला दिया।
बेलागवी में मीडिया से बात करते हुए हेब्बालकर ने कहा कि कर्नाटक के सबसे बड़े जिलों में से एक होने के नाते, इस जिले को कैबिनेट में ज्यादा प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए। उन्होंने बताया कि हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों में बेलागवी जिले से कांग्रेस के 11 विधायक चुने गए थे।
जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्हें कैबिनेट में शामिल किए जाने की उम्मीद है, तो हेब्बालकर ने सीधे तौर पर कुछ भी कहने से इनकार कर दिया और मीडिया से कहा कि वे यह सवाल मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार से पूछें, जिन्हें उनका राजनीतिक गुरु माना जाता है।
पिछली राज्य सरकार में महिला एवं बाल विकास मंत्री के तौर पर ‘गृह लक्ष्मी’ योजना की देखरेख करने वाली हेब्बालकर ने कहा कि इस योजना का मकसद महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना था और इसे काफी सराहा गया था।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा और एनडीए द्वारा इस योजना की आलोचना करने और 5,000 करोड़ के दुरुपयोग का आरोप लगाने के बावजूद केंद्रीय एजेंसियों ने महिलाओं के सशक्तीकरण को बढ़ावा देने के लिए इस कार्यक्रम की तारीफ की है। उन्होंने आगे दावा किया कि कर्नाटक मॉडल ने देश के अन्य हिस्सों में भी इसी तरह की कल्याणकारी योजनाओं को प्रेरित किया है और विपक्ष पर एक सफल कार्यक्रम को बदनाम करने की कोशिश करने का आरोप लगाया।
इस बीच, मुख्यमंत्री शिवकुमार, उपमुख्यमंत्री जी. परमेश्वर और कैबिनेट के कई सहयोगी गुरुवार सुबह बेलागवी पहुंचे। शिवकुमार एक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करेंगे और पड़ोसी महाराष्ट्र व पश्चिमी घाट में लगातार बारिश के बाद बेलागवी क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति का जायज़ा लेंगे। मुख्यमंत्री का पद संभालने के बाद बेलागवी का यह उनका पहला दौरा है।
लोक निर्माण मंत्री सतीश जारकीहोली और कांग्रेस के अन्य नेताओं ने मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के पहुंचने पर उनका स्वागत किया।
बेलागवी जिले की रामदुर्ग विधानसभा सीट का प्रतिनिधित्व करने वाले वरिष्ठ कांग्रेस विधायक अशोक पट्टन ने भी कैबिनेट में शामिल किए जाने की उम्मीद जताई। पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के करीबी माने जाने के बारे में पूछे गए एक सवाल के जवाब में तीन बार के विधायक ने कहा कि न केवल वह बल्कि मुख्यमंत्री शिवकुमार के भी पूर्व मुख्यमंत्री के साथ करीबी संबंध रहे हैं।
शिवकुमार के पद संभालने के एक महीने से ज्यादा समय बीत जाने के बाद भी राज्य कैबिनेट मुख्यमंत्री सहित केवल 14 मंत्रियों के साथ काम कर रही है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस आलाकमान और शिवकुमार कैबिनेट विस्तार को लेकर सावधानी से आगे बढ़ रहे हैं क्योंकि मंत्रियों के बचे हुए 20 पद भरने से कई वरिष्ठ नेताओं और दावेदारों के निराश होने की आशंका है। विपक्ष ने कैबिनेट विस्तार में देरी को लेकर सरकार की बार-बार आलोचना की है।
–आईएएनएस
डीकेएम/पीएम
(This content is sourced from a syndicated feed and is published as received. Punjab Kesari assumes no responsibility or liability for its accuracy, completeness, or content.)


Download Android App
Download iOS App



