बेंगलुरु, 17 मार्च (आईएएनएस)। कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्दारमैया ने मंगलवार को रेलवे विभाग की आलोचना की। विभाग ने रेलवे कर्मचारियों के प्रमोशन के लिए होने वाली परीक्षाओं को अचानक रद्द कर दिया था। यह तब हुआ जब कन्नड़ संगठनों ने यह विरोध किया कि कर्मचारियों को परीक्षा कन्नड़ में देने का विकल्प नहीं दिया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दक्षिण-पश्चिम रेलवे में 194 गुड्स ट्रेन मैनेजर पदों और हुबली डिवीजन में 101 लिमिटेड डिपार्टमेंटल कॉम्पेटिटिव एग्जाम (एलडीसीई) के लिए निर्धारित परीक्षाएं अचानक रद्द कर दी गईं। इसके कारण कन्नड़ कर्मचारियों के बीच असमंजस और चिंता की स्थिति पैदा हो गई।
सिद्दारमैया ने बताया कि हजारों कन्नड़ भाषी रेलवे कर्मचारियों ने पहले ही कन्नड़ में परीक्षा देने के अवसर से वंचित होने पर विरोध जताया था, लेकिन रेलवे विभाग ने शांतिपूर्ण विरोध और कर्मचारियों और संगठनों की अपीलों की अनदेखी की।
उन्होंने कहा कि परीक्षा को अचानक रद्द करने से कन्नड़ कर्मचारियों के लिए कठिनाई पैदा हुई। यदि रेलवे विभाग ने पहले ही इस मुद्दे को समझकर कन्नड़ में परीक्षा देने की अनुमति दे दी होती, तो यह स्थिति पैदा नहीं होती। उन्होंने इसे निंदनीय बताया कि विभाग ने कन्नड़ कर्मचारियों की चिंता को नजरअंदाज किया।
सिद्दारमैया ने यह भी आरोप लगाया कि कई केंद्रीय विभागों द्वारा आयोजित परीक्षाओं में कन्नड़ नौकरी चाहने वालों के साथ भेदभाव किया गया है, क्योंकि केंद्र की नीति केवल हिंदी को प्राथमिकता देती है।
उन्होंने कहा कि कन्नड़ भाषियों ने बार-बार अपनी आवाज उठाई और न्याय की मांग की। मुख्यमंत्री ने यह भी निराशा व्यक्त की कि यह मुद्दा तब उठ गया, जब कर्नाटक के वी. सोमनना रेल राज्य मंत्री हैं। उन्होंने इसे अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण बताया कि रेलवे विभाग ने कन्नड़ के प्रति विरोधी रुख अपनाया और कर्नाटक और कन्नड़ भाषियों के साथ अन्याय किया।
सिद्दारमैया ने कहा कि वह चाहते थे कि सोमनना कन्नड़ भाषियों के पक्ष में खड़े हों और इस मुद्दे को सुलझाने में मदद करें। उन्होंने केंद्र से आग्रह किया कि भविष्य में कन्नड़ भाषी उम्मीदवारों के साथ भाषा के आधार पर अन्याय न हो।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी हस्तक्षेप करने और संबंधित विभागों को सख्त निर्देश देने की मांग की। उन्होंने यह भी कहा कि रद्द की गई रेलवे परीक्षाएं जल्द से जल्द आयोजित की जाएं और उम्मीदवारों को कन्नड़ में परीक्षा देने का विकल्प दिया जाए।
–आईएएनएस
एएसएच/डीकेपी
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