नई दिल्ली/तिरुवनंतपुरम, 6 नवंबर (आईएएनएस)। मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार को हटाने के लिए कांग्रेस नेतृत्व अपने अभियान को तेज करने की तैयारी कर रहा है। इसी बीच, केरल ने एक नया मोर्चा खोलते हुए, उनके राज्य सरकार के अधिकारी रहने के दौरान के कथित रिश्वत मामले में विजिलेंस जांच शुरू कर दी है।
इन दो घटनाओं ने सीईसी ज्ञानेश कुमार के साथ चल रहे टकराव को एक नया राजनीतिक आयाम दे दिया है। सीईसी ज्ञानेश कुमार पहले से ही ‘इंडिया’ ब्लॉक की ओर से मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं को लेकर चलाए जा रहे अभियान का सामना कर रहे हैं।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी शुक्रवार को दिल्ली में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की एक बैठक आयोजित कर रहे हैं, जिसमें कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और अन्य शीर्ष पदाधिकारियों के शामिल होने की उम्मीद है। हालांकि आधिकारिक तौर पर इसे दीपावली मिलन समारोह बताया गया है, लेकिन सीईसी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ पार्टी की अगली रणनीति तय करने के लिहाज से यह बैठक काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
केरल विधानसभा में विपक्ष के नेता वी. डी. सतीशन भी इस बैठक में शामिल होने के लिए राष्ट्रीय राजधानी पहुंच गए हैं। कांग्रेस नेतृत्व इस बात पर चर्चा कर सकता है कि सीईसी ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग को कैसे आगे बढ़ाया जाए, खासकर तब जब इस महीने के आखिर में संसद का अगला सत्र होने की संभावना है। ‘इंडिया’ ब्लॉक भी सीईसी के खिलाफ संसद में नए कदम उठाने पर विचार कर रहा है।
विपक्ष ने 31 अक्टूबर को सीईसी के खिलाफ एक प्रतीकात्मक सार्वजनिक महाभियोग आयोजित किया था, जिसके बाद 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में एक बड़ी रैली भी की गई थी। विपक्ष चुनाव संबंधी कथित अनियमितताओं को लेकर उन्हें हटाने की मांग कर रहा है। इस बीच, केरल की इस घटना ने पूरे अभियान को एक नया मोड़ दे दिया है।
राज्य के विजिलेंस और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने एक शिकायत के आधार पर प्रारंभिक जांच के आदेश दिए हैं। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि जब सीईसी ज्ञानेश कुमार पीडब्ल्यूडी सचिव थे, तब उन्होंने 2 करोड़ रुपये की रिश्वत मांगी थी।
यह शिकायत पूर्व ठेकेदार साजन वी.ओ. ने दर्ज कराई है, जो ‘पैटीबेल’ नाम की उस कंपनी से जुड़े थे, जो केरल राज्य परिवहन परियोजना के सड़क निर्माण कार्यों में शामिल थी। विजिलेंस निदेशक मनोज अब्राहम ने ‘स्पेशल इन्वेस्टिगेशन यूनिट-1’ को इस मामले में जांच शुरू करने और 2007 की पुरानी विजिलेंस जांच से जुड़े दस्तावेजों और बयानों की समीक्षा करने का निर्देश दिया है।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि रिश्वत की मांग पूरी न होने पर करोड़ों रुपये के चार बिल रोक दिए गए थे। केरल की जांच के राजनीतिक और कानूनी निहितार्थ, सीईसी ज्ञानेश कुमार को लेकर चल रही व्यापक बहस में शामिल हो सकते हैं।
–आईएएनएस
एसडी/एएस
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