पुणे, 31 अक्टूबर (आईएएनएस)। अपने कथित प्रेमी चेतन चौधरी के साथ मिलकर अपने मंगेतर केतन अग्रवाल की हत्या के आरोप में फंसी सिया गोयल ने शनिवार को पुणे की एक अदालत में हाई-प्रोफाइल हत्याकांड की सुनवाई शुरू होने पर जमानत के लिए अर्जी दी। इस सुनवाई में पहली बार वरिष्ठ अधिवक्ता उज्ज्वल निकम अभियोजन पक्ष की ओर से पेश हुए।
पुणे के वडगांव मावल सत्र न्यायालय में सुनवाई के दौरान गोयल ने जमानत और मामले से बरी होने के लिए दो अर्जी दाखिल कीं।
अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 17 नवंबर को निर्धारित की है।
सुनवाई के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए निकम ने कहा कि कार्यवाही के पहले दिन, अभियोजन पक्ष ने अदालत को मामले से संबंधित विवरण से अवगत कराया। अदालत को पुलिस द्वारा जुटाए गए सबूतों और उन सबूतों के आधार पर अभियोजन पक्ष द्वारा पेश किए जाने वाले तर्कों के बारे में बताया गया। अदालत ने अभियोजन पक्ष को अपने तर्क प्रस्तुत करने की अनुमति दी है।
उन्होंने आगे बताया कि गोयल के वकील ने दो आवेदन दाखिल किए हैं, एक जमानत के लिए और दूसरा उन्हें मामले से बरी करने के लिए। बचाव पक्ष का तर्क है कि उनके खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं है। अदालत इन आवेदनों पर 17 नवंबर को सुनवाई करेगी।
इस मामले में तीसरे आरोपी रितेश हांगे ने अभी तक वकील नियुक्त नहीं किया है। अदालत ने उन्हें अगली सुनवाई से पहले ऐसा करने का निर्देश दिया है, अन्यथा अदालत उनके लिए कानूनी प्रतिनिधि नियुक्त करेगी।
अधिवक्ता निकम ने आगे कहा कि अगली सुनवाई में अभियोजन पक्ष अदालत को बताएगा कि कथित हत्या की साजिश कैसे रची गई और गोयल और उसके कथित प्रेमी चौधरी की भूमिका के संबंध में पुलिस ने क्या सबूत जुटाए हैं।
हालांकि, बचाव पक्ष के वकील ने दावा किया कि पुलिस ने मामले से संबंधित तकनीकी सबूत साझा नहीं किए हैं।
गोयल के वकील नितिन भलेराव ने कहा कि उनकी ओर से जमानत और बरी करने के लिए आवेदन दायर किए गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस द्वारा एकत्र किए गए वीडियो फुटेज और अन्य तकनीकी सबूत अभी तक बचाव पक्ष को उपलब्ध नहीं कराए गए हैं।
भलेराव के अनुसार, इन सामग्रियों तक पहुंच प्राप्त करने के लिए भी एक आवेदन दायर किया गया है और इस मामले पर अगली सुनवाई में विचार किया जाएगा।
वरिष्ठ अधिवक्ता विपुल दुशिम के 17 नवंबर को बचाव पक्ष की ओर से पेश होने की उम्मीद है।
भलेराव ने दावा किया कि बचाव पक्ष का मानना है कि पुलिस द्वारा जुटाए गए सबूत दोष सिद्ध करने के लिए अपर्याप्त हैं। उन्होंने कहा कि वे मुकदमे की सुनवाई तक इस मामले को लड़ेंगे।
शनिवार को तीनों आरोपी गोयल, चौधरी और हांगे पुणे की येरवडा जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत में पेश हुए।
पुलिस के अनुसार, रियल एस्टेट कंपनी के निदेशक 26 वर्षीय केतन अग्रवाल को कथित तौर पर इस साल 18 जून को पुणे के पास लोहागढ़ किले में एक खाई में धकेल दिया गया था, जिसके परिणामस्वरूप उनकी मौत हो गई।
–आईएएनएस
एमएस/
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