नई दिल्ली, 2 नवंबर (आईएएनएस)। केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह (ललन सिंह) सिक्किम में डेयरी विकास और पशुधन बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए 251.56 लाख रुपए की परियोजनाओं और पहलों का उद्घाटन करेंगे।
मंत्री राजीव रंजन 2-3 नवंबर को सिक्किम के गंगटोक और मंगन जिलों का दौरा करेंगे। इस दौरे के दौरान वे डेयरी विकास से जुड़ी पहलों की समीक्षा करेंगे और ‘नेशनल प्रोग्राम फॉर डेयरी डेवलपमेंट’ (एनपीडीडी) के तहत सिक्किम मिल्क यूनियन के लिए एक माइक्रोबायोलॉजी प्रयोगशाला का उद्घाटन करेंगे।
वे ‘व्हाइट रिवोल्यूशन 2.0’ (श्वेत क्रांति 2.0) के तहत 57 नई डेयरी सहकारी समितियों की स्थापना के लिए पहल शुरू करेंगे और हाल ही में पंजीकृत पांच समितियों को पंजीकरण प्रमाण पत्र वितरित करेंगे। इसके अलावा, उत्तरी सिक्किम में 15 नई डेयरी सहकारी समितियों के गठन की शुरुआत की जाएगी, जिससे अधिक डेयरी किसान सहकारी डेयरी नेटवर्क से जुड़ सकेंगे।
एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि गंगटोक और जोरथांग में बनने वाले ‘चुरपी’ पनीर के लिए एक ‘ट्रेसेबिलिटी’ (उत्पाद की जानकारी का पता लगाने वाली) पहल भी शुरू की जाएगी।
मंत्री भारत सरकार की 10,000 एफपीओ (किसान उत्पादक संगठन) योजना के तहत, सिक्किम मिल्क यूनियन के लिए दो ‘फॉडर प्लस’ किसान उत्पादक संगठनों को भी बढ़ावा देंगे।
वे नए उत्पादों का अनावरण भी करेंगे, जिनमें जैविक शहद, नाइजर बीज (रामतिल) मिश्रित पाउडर और बाजरा तथा कुट्टू से बने जैविक बिस्कुट और मिठाइयां शामिल हैं। यह कदम उत्पादों में विविधता लाने और उनके मूल्यवर्धन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
सिक्किम ने पूर्वोत्तर क्षेत्र (एनईआर) में डेयरी विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। 2024–25 के दौरान यहां लगभग 89.35 हजार मीट्रिक टन दूध का उत्पादन हुआ और प्रति व्यक्ति दूध की उपलब्धता लगभग 352 ग्राम प्रतिदिन रही।
राज्य में डेयरी क्षेत्र के विकास को बढ़ावा देने के लिए डीएएचडी ने 2014 से ‘राष्ट्रीय गोकुल मिशन’ (आरजीएम) के तहत 7,093.99 लाख रुपए जारी किए हैं। इसके अलावा, ‘सिरी’ नस्ल के मवेशियों (स्थानीय नस्ल) के विकास और संरक्षण के लिए 2,763.92 लाख रुपये की एक विशेष परियोजना को मंजूरी दी गई है।
सिक्किम में याक के विकास और संरक्षण के लिए 2023–24 के दौरान 100 लाख रुपए जारी किए गए थे। साथ ही, चालू वित्तीय वर्ष 2026–27 में ‘राष्ट्रीय गोकुल मिशन’ के तहत ‘उच्च आनुवंशिक गुणवत्ता’ (एचजीएम) वाले याक सांडों की खरीद के लिए 100 लाख रुपए जारी किए गए हैं।
‘डेयरी विकास के लिए राष्ट्रीय कार्यक्रम’ (एनपीडीडी) के तहत डीएएचडी ने कुल 59.60 करोड़ रुपए की लागत वाली नौ परियोजनाओं को मंजूरी दी है, जिसमें केंद्र सरकार का हिस्सा 54.61 करोड़ रुपए है। इस राशि में से 53.59 करोड़ रुपए जारी किए जा चुके हैं, जबकि 52.61 करोड़ रुपए का उपयोग किया गया है।
–आईएएनएस
ओपी/डीकेपी
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