मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से एक बेहद चर्चित, रिटायर्ड आईएएस अधिकारी राकेश अग्रवाल की हत्या मामले में भोपाल पुलिस को 1 महीने बाद बड़ी कामयाबी मिली है। इस घटना में एक महीने से फरार चल रहे 50 हजार के इनामी मुख्य आरोपी वरुण कुमार को भोपाल पुलिस ने आगरा से गिरफ्तार कर लिया है। हालांकि, गिरफ़्तारी के बाद आरोपी को भोपाल लाते समय उसने पुलिस की गिरफ्त से भागने की कोशिश भी की। जिसके बाद आरोपी और पुलिस की बीच झड़प भी हुई, इसमें आरोपी मामूली रूप से घायल हुआ है।
पुलिस कार्रवाई में आरोपी के पैर में लगी गोली
पुलिस के मुताबिक, आरोपी को गिरफ़्तारी के बाद सुरक्षित भोपल लाया जा रहा था। मंगलवार सुबह करीब 5 बजे मुगालिया छाप के पास आते ही आरोपी पुलिस के साथ भागने की कोशिश में छीना-झपटी करने लगा। पुलिस के बार-बार रोके जाने के बाद भी जब आरोपी नहीं माना, तो पुलिस को मजबूरन कार्रवाई करनी पड़ी। जिसके चलते आरोपी के पैर में गोली लग गई और वो घायल हो गया। घटना के बाद तुरंत उसे भोपाल के हमीदिया अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है। वहीं, इस घटना पर पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी की हालत सही होने पर उससे कड़ी पूछताछ होगी, ताकि हत्या की असली वजह का पता लगाया जा सके।
क्या है पूरा मामला?
ये घटना 30 सितंबर की रात की है, भोपाल के सूरज नगर में स्थित आवास पर रिटायर्ड अधिकारी राजेश अग्रवाल की गला दबाकर हत्या कर दी गई थी।जिसके बाद इलाके में सनसनी फैल गई थी, घटना के बाद से उनका केयरटेकर वरुण कुमार भी फरार हो गया था। जिसके बाद पुलिस द्वारा की गई जांच के अनुसार आरोपी वरुण हर बार अपनी लोकेशन बदल रहा था। जिसके चलते पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने उसकी गिरफ्तारी के लिए विशेष जांच दल (SIT) गठित की थी, जिसकी कमान उमेश तिवारी को दे दी थी। फरार आरोपी पर 50 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया था।
कई राज्यों में चल रही थी आरोपी की तलाश
विशेष जांच दल ने आरोपी को कई राज्यों में ढूंढा था, जिनमें ग्वालियर, मथुरा, वृंदावन और पंजाब जैसे राज्य शामिल थे। फिलहाल पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, उसके स्वस्थ होने के बाद उससे घटना से जुड़े सभी पहलू की पूछताछ की जाएगी।


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